आज सबसे पहले हम उस धर्मनिरपेक्षता यानी सेक्युलरिज्म की बात करेंगे, जिसकी परिभाषा और पैमाने देश में मौके, माहौल और मजहब साथ बदल जाते हैं. अगर किसी हाउसिंग सोसाइटी में कुर्बानी के जानवरों पर विवाद हो, तो पूरा देश दिनभर बहस करता है, इंटरनेशनल मीडिया में भारत की छवि को Intolerant बनाकर पेश करता है.