पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी तो कुछ लोग इसके विरोध में उतर आए. जबकि अदालतें बार-बार कह चुकी हैं कि सड़क पर नमाज़ कोई मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन तुष्टिकरण की राजनीति ने लोगों के दिमाग में ये बिठा दिया है कि उनकी परंपराएं देश के कानून से ऊपर हैं.