किंडरगार्टन में घुस रहे सांप से भिड़ गया 'काली', जान देकर बचाई 30 बच्चों की जान

ओडिशा के मयूरभंज में एक आवारा डॉग ‘काली’ ने जहरीले सांप से लड़ते हुए अपनी जान गंवा दी, लेकिन उससे पहले उसने स्कूल के करीब 30 बच्चों की जान बचा ली. इस घटना ने पूरे गांव को भावुक कर दिया. लोगों ने काली को एक रक्षक की तरह सम्मान देते हुए अंतिम संस्कार किया और उसकी बहादुरी को हमेशा याद रखने की बात कही.

Advertisement
डॉग ने जान देकर बचाई 30 बच्चों की जान (Photo: itg) डॉग ने जान देकर बचाई 30 बच्चों की जान (Photo: itg)

अजय कुमार नाथ

  • मयूरभंज,
  • 27 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:14 PM IST

ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक छोटे से गांव से ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने इंसान और जानवर के रिश्ते को नए मायने दे दिए हैं. धीराकुला गांव में रहने वाले एक कुत्ते ‘काली’ ने अपनी जान की परवाह किए बिना जहरीले सांप से भिड़कर करीब 30 मासूम बच्चों की जिंदगी बचा ली.

घटना उस समय की है जब गांव के पास स्थित एक किंडरगार्टन में छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे थे. तभी एक जहरीला सांप धीरे-धीरे रेंगता हुआ स्कूल परिसर की ओर बढ़ने लगा. बच्चों को इस खतरे का अंदाजा भी नहीं था, लेकिन काली ने जैसे ही सांप को देखा, वह तुरंत उसके सामने डट गया.

Advertisement

ग्रामीणों के मुताबिक, काली ने बिना किसी डर के सांप पर हमला कर दिया और उसे बच्चों तक पहुंचने से रोक दिया. इस दौरान सांप ने कई बार काली को काटा, खासकर उसके चेहरे और मुंह पर गंभीर जख्म आए. बावजूद इसके, काली पीछे नहीं हटा और लगातार सांप से लड़ता रहा. आखिरकार सांप को मार गिराया गया, लेकिन तब तक जहर काली के शरीर में फैल चुका था.

लड़ाई खत्म होने के कुछ ही समय बाद काली जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई. उसकी इस बहादुरी ने पूरे गांव को भावुक कर दिया. जिन बच्चों की जान उसने बचाई, उनके परिवारों के लिए काली किसी फरिश्ते से कम नहीं थी. गांव के लोगों ने काली को एक साधारण आवारा कुत्ता नहीं, बल्कि अपने रक्षक के रूप में सम्मान दिया. उसके अंतिम संस्कार के लिए विशेष व्यवस्था की गई. काली के शव को फूलों से सजाया गया और सफेद कपड़े में लपेटकर पूरे गांव में सम्मानपूर्वक अंतिम यात्रा निकाली गई.

Advertisement

स्थानीय निवासी रमेश प्रुस्टी ने बताया कि काली हमेशा से इलाके में रहता था और लोगों की चहेता था. उसकी बहादुरी ने सभी का दिल जीत लिया. एक तरफ जहां आवारा कुत्तों को लेकर अक्सर डर और शिकायतें सामने आती हैं, वहीं काली की यह कहानी इंसानियत और वफादारी की मिसाल बनकर सामने आई है.  

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement