जाको राखे साइयां... SHO ने 'लाश' में फूंक दी जान! फंदे से उतारकर दिया CPR, लौट आईं युवक की सांसें

Ujjain News: जिस बेटे को घरवाले मृत मानकर रोना धोना शुरू कर चुके थे, उसको थाना प्रभारी ने CPR देकर बचा लिया. कुछ ही मिनटों के निरंतर प्रयास के बाद युवक के शरीर में हरकत हुई और उसकी सांसें वापस लौट आईं. यह नजारा देख रो रहे परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए.

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पुलिस अधिकारी ने बचाई फांसी के फंदे पर झूल रहे युवक की जान.(Photo:ITG) पुलिस अधिकारी ने बचाई फांसी के फंदे पर झूल रहे युवक की जान.(Photo:ITG)

संदीप कुलश्रेष्ठ

  • उज्जैन,
  • 31 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:35 AM IST

कहते हैं कि जीवन मरण सब ऊपरवाले के हाथ होता है. जब तक जिंदगी लिखी है, तब तक मौत कुछ नहीं बिगाड़ सकती. इसका एक उदाहरण मध्य प्रदेश के नागदा (उज्जैन) में देखने को मिला. जहां फांसी पर झूल चुके युवक की जान बचा ली गई और उसे बचाया भी पुलिस ने. हालांकि फंदे पर लटके युवक को उसके परिजनों ने मृत मान लिया था. मौके पर रोना बिलखना भी शुरू हो गया था. लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने सीपीआर तकनीक का प्रयोग करते हुए उस युवक की जान बचा ली, जिसका वीडियो भी सामने आया है. 

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दरअसल, नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी रोज की तरह नियमित गश्त पर निकले थे. तभी रात करीब डेढ़ बजे घबराया हुआ एक व्यक्ति उनके पास आया और बोला कि उनके पुत्र ने फांसी लगा ली है.

सूचना की गंभीरता को समझते हुए थाना प्रभारी अमृतलाल बगैर देरी किए अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. जहां पाया कि युवक ने अंदर से दरवाजा बंद किया हुआ है और वह फंदे पर झूल रहा है. पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और युवक धैर्य यादव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा. जिस स्थिति में धैर्य फंदे पर लटका मिला, उसे देखकर परिजनों ने युवक को मृत मान लिया था और रोना-बिलखना भी शुरू हो गया था. 

लेकिन थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने हार नहीं मानी और जीवन रक्षा के लिए अपने प्रशिक्षण में अर्जित सीपीआर तकनीक का प्रयोग करते हुए एक प्रयास किया, नतीजतन युवक की सांस लौट आई और उसकी जान बच गई. इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है, जिसे लेकर पुलिस की खूब सराहना भी हो रही है. देखें Video:- 

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सीपीआर देने पर युवक की सांस लौटते ही, थाना प्रभारी खुद उसे अपनी गाड़ी में डालकर अस्पताल ले गए. जहां प्राथमिक उपचार के बाद धैर्य यादव को रतलाम हॉस्पिटल भेज दिया गया, जहां उसका उपचार जारी है और फिलहाल वो पूरी तरह स्वस्थ्य है. अपने बच्चे की जान बच जाने के बाद परिवारजनों ने थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी को धन्यवाद देते नहीं थक रहे.

बहरहाल, इस घटना ने नागदा पुलिस के कर्तव्यनिष्ठ, सजग और समाज के प्रति संवेदनशीलता प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है. टीआई गवरी के तत्परता, साहस, संवेदनशीलता और उच्च स्तरीय दक्षता प्रदर्शित करने के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना की ओर से टीआई को उत्साहवर्धन के लिए 10 हजार रुपए नगद पुरस्कृत देने की घोषणा की गई है.

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