नर्मदा नदी का 11 हजार लीटर दूध से अभिषेक, 41 टन सामग्री और सोने-चांदी की आहुति, VIDEO

Narmada Abhishek 11000 Liter Milk: MP के सीहोर जिले से भक्ति और श्रद्धा की एक अद्भुत तस्वीर सामने आई है. भेरूंदा इलाके के सातदेव स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर में 21 दिवसीय महायज्ञ का भव्य समापन हुआ. इस अवसर पर 11 हजार लीटर दूध से मां नर्मदा का अभिषेक किया गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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दूध की धारा और नर्मदा का संगम.(Photo:Screengrab) दूध की धारा और नर्मदा का संगम.(Photo:Screengrab)

नवेद जाफरी

  • सीहोर,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्राचीन सातदेव क्षेत्र, जिसे सप्त ऋषियों की तपोभूमि माना जाता है, वहां एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ. संत शिवानंद महाराज के नेतृत्व में आयोजित 21 दिवसीय महायज्ञ के समापन पर 11 हजार लीटर दूध से मां नर्मदा का अभिषेक किया गया. दूध के टैंकर के जरिए किए गए इस जलाभिषेक का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

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18 मार्च से शुरू हुए इस आयोजन में प्रतिदिन 21 क्विंटल हवन सामग्री से महाहवन किया गया. पूरे आयोजन के दौरान करीब 41 टन हवन सामग्री, जड़ी-बूटियों के साथ सोना-चांदी की आहुतियां दी गईं.

महायज्ञ में शामिल श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में नारियल अर्पित कर पुण्य लाभ अर्जित किया. समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन भी हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की.

आयोजन संत शिवानंद महाराज ने कराया था. इसके लिए करीब 5 एकड़ क्षेत्र में विशाल पंडाल तैयार किया गया था.  आयोजन के दौरान घंटियों की गूंज और दीपों की जगमगाहट ने पूरे भेरूंदा क्षेत्र को भक्ति के रस में डुबो दिया.  देखें VIDEO:- 

सातदेव क्षेत्र को प्राचीन काल से सप्त ऋषियों की तपोभूमि माना जाता है. मान्यता है कि ब्रह्माजी के मानस पुत्र सप्तऋषियों ने यहां कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव पातालेश्वर महादेव के रूप में प्रकट हुए. 

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ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र गोंड शासकों के अधीन रहा और बाद में अहिल्याबाई होल्कर ने यहां निर्माण कराया, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ गई.

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