चमत्कार: 2 साल का था बेटा तब बिछड़े थे पिता, अब 22 साल बाद लौटे, लिपटकर रो पड़े घरवाले

MP के राजगढ़ जिले के भोजपुर इलाके से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर 'चमत्कार' शब्द पर विश्वास हो जाता है. 22 साल का लंबा इंतजार, एक पत्नी की अटूट निष्ठा और नियति का अद्भुत मेल की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है.

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बेटे ने पहली बार देखा पिता का चेहरा.(Photo:ITG) बेटे ने पहली बार देखा पिता का चेहरा.(Photo:ITG)

पंकज शर्मा

  • राजगढ़,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST

प्रकृति का खेल ही निराला है... कब किसको मिला दे, कब किसको बिछड़ा दे. कुछ ऐसा ही एक दिलचस्प नजारा इन दिनों मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले स्थित खिलचीपुर-भोजपुर के भूमरिया गांव में देखने को मिला. यहां करीब 22 साल पहले यानी 2004 में एक युवक अचानक लापता हो गया था, जो कश्मीर के कुपवाड़ा जाकर 22 साल बाद मिला. 22 वर्षीय युवक जब गया था तब उसका बेटा महज 2 साल का था, आज वह बेटा 24 साल का जवान है और उसकी अपनी 2 साल की बेटी (पोती) अपने 'दादू' का स्वागत कर रही है.

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2004 में सुरेंद्र विश्वकर्मा अचानक घर से लापता हो गए थे.  परिजनों ने दो साल तक काफी तलाश की, भोजपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर सब थक-हार कर बैठ गए थे.

राजगढ़ एसपी अमित तोलानी ने बताया कि भूमरिया निवासी सुरेंद्र विश्वकर्मा नामक शख्स 2004 में गुम हो गए थे. उनकी गुमशुदगी भोजपुर पुलिस थाने में दर्ज थी. करीब 22 वर्ष बाद उनका पता चला. इस बीच वह खानाबदोश की जिंदगी जी रहे थे और श्रीनगर के एक मेंटल हॉस्पिटल में उपचाररत थे. जब श्रीनगर पुलिस को पता चला तो उन्होंने भोजपुर पुलिस से संपर्क किया. बाद में वीडियो कॉल पर बातचीत करवाई गई. 

सरपंच प्रतिनिधि लालू बना ने बताया कि सुरेंद्र विश्वकर्मा भूमरिया के रहने वाले हैं. मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण 22 साल पहले वे चले गए थे. कुछ समय तक तलाश की गई, लेकिन पता नहीं चला तो लोग भूल गए.

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जब पता चला कि वे कश्मीर के श्रीनगर के मेंटल हॉस्पिटल में हैं, तो गांव वालों ने उन्हें लाने का प्रयास किया. इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी संपर्क किया और उनके सहयोग से कुपवाड़ा पहुंचा गया.

22 साल बाद घर लौटे पति के गले में पत्नी ने फिर डाली वरमाला.

सरपंच प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि युवक को जब गांव लाया जा रहा था, तब उन्होंने बताया कि पहले वे जोधपुर गए थे, लेकिन वहीं से कुपवाड़ा पहुंच गए. वहां कुछ दिन पुलिस कस्टडी में रहे. बाद में मानसिक रूप से बीमार होने पर उपचार के लिए मेंटल अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया.

सुरेंद्र की पत्नी विप्पदा ने बताया कि उनके भाई ने जीजा को ढूंढा. पति को घर पर आया देख आंसू आ गए. जिस 2 साल के बेटे को छोड़कर वे गए थे, वह बेटा अब 24 साल का युवक हो गया.

घर लौटे सुरेंद्र के बेटे दीपक (24 वर्ष) ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को कभी देखा नहीं था, सिर्फ फोटो देखी थी. जब वीडियो कॉल पर बात हुई तो सुरेंद्र ने अपने ससुर (दीपक के नाना) को पहचान लिया. घर पहुंचने पर सुरेंद्र की 2 साल की पोती ने जब उनसे पूछा- 'कैसे हो दादू?' तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.

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