मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक शादी ने ऐसा रंग जमाया कि लोग आज भी उसी की चर्चा कर रहे हैं. निपानिया गढ़ी गांव के सरपंच रामबाबू ठाकुर के पुत्र अनमोल ठाकुर जब अपनी दुल्हन लेने हेलीकॉप्टर से पहुंचे, तो पूरे इलाके में मानो उत्सव सा माहौल बन गया. गांव वालों ने पहली बार इतनी शाही बारात देखी, जहां दूल्हा सड़क से नहीं, सीधे आसमान चीरते हुए पहुंचा.
आसमान चीरते हुए पहुंचा दूल्हा
जैसे ही हेलीकॉप्टर की आवाज सुनाई दी, शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र स्थित ग्राम कोड़ी में लोग घरों से बाहर निकल पड़े. खेत, छतें, गलियां और मैदान हर जगह सिर्फ एक ही चर्चा थी- 'देखो- देखो, दूल्हा हेलीकॉप्टर से आया है!' देखते ही देखते हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई. बच्चों की आंखों में चमक थी, बुजुर्गों के चेहरों पर हैरानी और युवाओं के मोबाइल कैमरे लगातार चल रहे थे. लेकिन इस शाही बारात के पीछे सिर्फ रुतबा नहीं, एक भावनात्मक कहानी भी छिपी थी.
अनोखी बारात के पीछे भावनात्मक कहानी
अनमोल के दादाजी की बरसों पुरानी इच्छा थी कि उनके पोते की शादी कुछ ऐसी हो, जिसे पूरा इलाका याद रखे. परिवार ने उस सपने को सम्मान दिया और बेटे की बारात हेलीकॉप्टर से निकालकर दादा की इच्छा पूरी कर दी.
हेलीकॉप्टर में दूल्हे अनमोल के साथ उनके दादाजी, नानाजी, मौसाजी और छोटी बहन शिवानी ठाकुर भी सवार थे. जब बारात गांव पहुंची तो लोगों ने फूलों, जयकारों और उत्साह के साथ स्वागत किया. पूरा माहौल किसी फिल्मी दृश्य जैसा नजर आया. इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए बोड़ा थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस बल और डायल 100 टीम सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही. आयोजन शांतिपूर्ण और शानदार तरीके से संपन्न हुआ.
ससुराल में दुल्हन का स्वागत भी जबरदस्त
शादी की रस्में पूरी होने के बाद विदाई का पल भावुक कर देने वाला था. दुल्हन अर्पिता को परिजनों ने नम आंखों से विदा किया. जैसे ही नवदंपति हेलीकॉप्टर से वापस निपानिया गढ़ी पहुंचे, गांव में जश्न का माहौल बन गया. दुल्हन स्वागत के लिए लोग पहले से इंतजार करते नजर आए. यह शादी सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि रिश्तों के सम्मान, परिवार की खुशी और सपनों को पंख देने की मिसाल बन गई.
पंकज शर्मा