AI से बनाई बासी खाने की फर्जी तस्वीरें… ग्वालियर ट्रेनिंग सेंटर से राजस्थान पुलिस के 36 ट्रेनी बीच में ही भेजे गए वापस

मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से राजस्थान पुलिस के 36 ट्रेनी जवानों को अनुशासनहीनता के आरोप में वापस भेज दिया गया. आरोप है कि इन जवानों ने AI से एडिट की गई तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर यह दिखाने की कोशिश की कि ट्रेनिंग सेंटर में खराब और बासी खाना दिया जा रहा है. जांच में मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई.

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ट्रेनी जवानों को वापस भेजा गया. (Photo: Representational) ट्रेनी जवानों को वापस भेजा गया. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:32 PM IST

मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित तिघरा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) में प्रशिक्षण ले रहे राजस्थान पुलिस के 36 ट्रेनी जवानों को अनुशासनहीनता के आरोप में बीच में ही वापस भेज दिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, इन जवानों ने कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग सेंटर के खिलाफ अभियान चलाया था.

एजेंसी के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) राजा बाबू सिंह ने बताया कि इस मामले में जांच के बाद यह कार्रवाई की गई. जांच में सामने आया कि कुछ ट्रेनी जवानों ने सेंटर में परोसे जा रहे भोजन को खराब और बासी दिखाने के लिए AI से एडिट की गई तस्वीरें बनाईं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किया.

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अधिकारियों का कहना है कि इन तस्वीरों के जरिए ट्रेनिंग सेंटर की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही थी. जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा अभियान जानबूझकर चलाया गया था.

ADG राजा बाबू सिंह के अनुसार, इन 36 प्रशिक्षु जवानों की गतिविधियां शरारती और अनुशासनहीन वाली पाई गईं. उनके व्यवहार से ट्रेनिंग सेंटर में समस्याएं पैदा हो रही थीं. इसी कारण उन्हें प्रशिक्षण पूरा करने से पहले ही वापस भेजने का फैसला लिया गया.

ये सभी जवान राजस्थान पुलिस के टेलीकॉम विंग से जुड़े थे और ग्वालियर के तिघरा स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में नौ महीने के कॉन्स्टेबल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आए थे.

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अधिकारियों के मुताबिक, राजस्थान पुलिस के महानिदेशक के कहने पर कुल 1,005 ट्रेनी जवानों को इस सेंटर में भेजा गया था. इनमें से 36 जवानों को अब अनुशासनहीनता के कारण वापस भेज दिया गया है.

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ट्रेनिंग सेंटर के अधिकारियों ने इन जवानों को राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर सतवीर यादव को सौंप दिया, जो उन्हें वापस राजस्थान ले गए.

इस मामले में एक और दिलचस्प पहलू भी सामने आया है. अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान पुलिस ने इतने बड़े समूह के लिए भोजन तैयार करने में मदद के लिए केवल दो रसोइयों को ही भेजा था. इसके अलावा वहां भोजन व्यवस्था की निगरानी के लिए कोई स्थायी अधिकारी भी तैनात नहीं किया गया था.

कुछ जवान परोसे जा रहे भोजन से असंतुष्ट थे

कुछ ट्रेनी जवान ट्रेनिंग सेंटर में परोसे जा रहे भोजन से असंतुष्ट थे. वे पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन जैसे गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी और भट्टी की रोटियां की मांग कर रहे थे. जबकि ट्रेनिंग सेंटर में मशीन से तैयार भोजन परोसा जा रहा था.

अधिकारियों का कहना है कि भोजन को लेकर असंतोष के कारण ही कुछ जवानों ने सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग सेंटर को बदनाम करने की कोशिश की. हालांकि जांच में यह स्पष्ट हो गया कि वायरल की गई तस्वीरें वास्तविक नहीं थीं, बल्कि AI तकनीक की मदद से तैयार की गई थीं.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस जैसे अनुशासित बल में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है. इसलिए संबंधित जवानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रशिक्षण से हटा दिया गया. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजस्थान पुलिस को भी जानकारी दे दी गई है और आगे की कार्रवाई वहां की पुलिस द्वारा की जाएगी.

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