प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के ताजा अंक में पन्ना टाइगर रिजर्व के दक्षिण पन्ना वन मंडल में तैनात बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार के काम को सराहा है. पीएम ने बताया कि कैसे एक वनकर्मी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण और ज्ञान के प्रसार में नई मिसाल पेश कर रहा है.
PM मोदी ने मन की बात में कहा, "मध्य प्रदेश में पन्ना जिले के जगदीश प्रसाद अहिरवार जी उनका प्रयास भी बहुत ही सराहनीय है. वो जंगल में beat–guard के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं. एक बार गश्त के दौरान उन्होंने महसूस किया कि जंगल में मौजूद कई औषधीय पौधों की जानकारी कहीं भी व्यवस्थित रूप से दर्ज नहीं है. जगदीश जी, ये जानकारी अगली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने औषधीय पौधों की पहचान करना और उनका रिकॉर्उ बनाना शुरू किया.
उन्होंने सवा-सौ से ज्यादा औषधीय पौधों की पहचान की. हर पौधे की तस्वीर, नाम, उपयोग और मिलने के स्थान की जानकारी जुटाई.उनकी जुटाई गई जानकारी को वन विभाग ने संकलित किया और किताब के रूप में प्रकाशित भी किया. इस किताब में दी गई जानकारी अब रिसर्चर, छात्रों और वन अधिकारियों के बहुत काम आ रही है.
पर्यावरण संरक्षण की यही भावना आज बड़े स्तर पर भी दिखाई दे रही है. इसी सोच के साथ देशभर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान से आज करोड़ों लोग जुड़ चुके हैं. अब तक देश में 200 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए भी जा चुके हैं. ये बताता है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर अब लोग ज्यादा जागरूक हैं, और किसी-ना-किसी रूप में अपना योगदान देना चाहते हैं.''
बता दें कि ड्यूटी के साथ-साथ जंगलों की खाक छानकर जगदीश ने 130 से ज्यादा दुर्लभ औषधीय पौधों का कच्चा चिट्ठा तैयार कर दिया है. जगदीश ने विदारीकंद से लेकर सर्पगंधा तक, हर पौधे की तस्वीर और उसके गुणों को एक किताब 'दक्षिण पन्ना के महत्वपूर्ण औषधीय पौधे' में पिरो दिया है. लेकिन पन्ना के जंगलों में सिर्फ औषधियां ही नहीं, प्रतिभा भी लहलहा रही है. देखें VIDEO:-
वहीं के एक और वनरक्षक वीरेंद्र पटेल ने 100 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियों को अपने कैमरे में कैद कर एक नई मिसाल पेश की है. आज पन्ना के ये 'जंगल वॉरियर्स' साबित कर रहे हैं कि अगर इरादे फौलादी हों, तो जमीन पर किया गया छोटा सा प्रयास भी राष्ट्रीय गौरव बन जाता है."
बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार ने कहा, ''मोदी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद कि उन्होंने हमारे काम को सराहा और 'मन की बात' में इसकी चर्चा की. यह मेरे लिए गौरव की बात है, मैं आगे भी इसी लगन से अपना काम करता रहूंगा.''
DFO अनुपम शर्मा ने कहा, "हमारे वनकर्मी जगदीश के कार्य की चर्चा प्रधानमंत्री जी ने की है, इसके लिए हम उनके अत्यंत आभारी हैं. यह पूरे विभाग के लिए गर्व का विषय है और इससे अन्य कर्मियों का भी उत्साह बढ़ेगा."
दिलीप शर्मा (दीपक)