मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से लगे गांव में एक बार फिर आदमखोर तेंदुए का कहर देखने को मिला. जरधोबा गांव में एक भूखे तेंदुए ने 10 साल के आदिवासी बालक पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. घटना इतनी वीभत्स थी कि तेंदुआ बच्चे के शव को घसीटते हुए पेड़ पर ले गया और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया.
जानकारी के अनुसार, मृतक बालक देव आदिवासी पिता बहादुर आदिवासी के माता-पिता खेत पर रखवाली कर रहे थे और पास के खेत में दादा जी की झोपड़ी थी. मासूम माता-पिता के कहने पर अपने दादा को खाना देने के लिए निकला था, तभी घात लगाकर बैठे तेंदुए ने रास्ते में ही बालक को अपना शिकार बना लिया.
जब काफी देर तक बच्चा नहीं लौटा, तो परिजनों ने तलाश शुरू की. खोजबीन के दौरान जो मंजर दिखा, उसने सबकी रूह कंपा दी. तेंदुए ने बच्चे को मारकर उसे पेड़ के ऊपर खींच लिया था. बाद में बच्चे का क्षत-विक्षत शव और उसका सिर पेड़ के नीचे बरामद हुआ.
घटना की सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम और एसपी निवेदिता नायडू खुद मौके पर पहुंची. गांव में इस घटना के बाद से मातम और दहशत का माहौल बन गया. ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब जंगली जानवरों ने इंसानों को निशाना बनाया हो. अब वन विभाग के गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंदर कुमार पटेल ने बताया, ''यह काफी दुखद घटना है. पेड़ पर बने निशान और बालों से लग रहा है कि यह तेंदुआ हो सकता है, जिसने बच्चे को मार दिया है. हम नियमानुसार पीड़ित परिजनों को 8 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराएंगे और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन पर आदमखोर तेंदुए के लिए कैमरे लगा कर उसे ट्रैप करेंगे. दिशा निर्देश प्राप्त होने पर उसे ट्रैंकुलाइज कर अन्य किसी जगह शिफ्ट करने का काम करेंगे.''
दिलीप शर्मा (दीपक)