'धर्म के कॉलम में आदिवासी लिखो...', जनगणना को लेकर कांग्रेस नेता के बयान पर बवाल, BJP ने बताया संविधान के खिलाफ

MP में जनगणना और आदिवासी पहचान को लेकर सियासत गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के 'आदिवासी धर्म कोड' वाले बयान ने भारतीय जनता पार्टी को हमलावर होने का मौका दे दिया है. अमरकंटक में दिए गए इस बयान को बीजेपी ने न केवल असंवैधानिक बताया है, बल्कि इसे सरकारी काम में बाधा डालने वाला कृत्य करार दिया है.

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देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी. (File Photo: PTI) देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी. (File Photo: PTI)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:38 PM IST

मध्य प्रदेश में जनगणना को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान से सियासी विवाद खड़ा हो गया है. अमरकंटक में होली के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज से अपील की कि वो जनगणना फॉर्म में धर्म के कॉलम में अपने नाम के आगे 'आदिवासी' लिखें. उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे संवैधानिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताया है.

अमरकंटक में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि देशभर में जनगणना की प्रक्रिया चल रही है और इसके सातवें कॉलम में धर्म भरना होता है. उन्होंने आदिवासी समुदाय से कहा कि वे इस कॉलम में 'प्रकृति धर्म आदिवासी' लिखें.

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सिंघार का कहना था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो आदिवासियों को किसी अन्य धर्म में दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे उनका आरक्षण, अधिकार और जमीन के पट्टे तक प्रभावित हो सकते हैं.

उमंग सिंघार ने कहा कि 'समय आ गया है कि हम सभी आदिवासी एकजुट हों. यदि अभी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के आदिवासी समाज ने अपने अलग धर्म कोड की मांग के लिए अधिक से अधिक आवेदन नहीं भेजे, तो हमारी पहचान को किसी अन्य धर्म की श्रेणी में दर्ज कर दिया जाएगा.

मैं अपने सभी आदिवासी भाई-बहनों से आग्रह करता हूं कि बड़ी संख्या में धर्म कोड की मांग के समर्थन में फॉर्म भरकर राष्ट्रपति महोदया तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ, ताकि हमारी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा को उचित मान्यता मिल सके.'

बयान संविधान के खिलाफ: विश्वास सारंग
उमंंग सिंघार के बयान बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने बयान को गंभीर बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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विश्वास सारंग ने कहा कि जनगणना एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी या हस्तक्षेप करने की कोशिश सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में आती है. इस तरह के बयान देकर सरकारी प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है और भोले-भाले आदिवासियों को भड़काने की कोशिश की जा रही है. यह गैरकानूनी भी है

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