'10 साल की मन्नतों के बाद हुआ था बेटा...' कहकर बिलख पड़ी मां, दूषित पानी ने छीन ली 6 माह के मासूम की जिंदगी

10 साल की मन्नतों के बाद बेटा हुआ था. पूरा परिवार खुश था, लेकिन यह खुशी छह महीने में मातम में बदल गई. यह दहला देने वाली कहानी इंदौर के भागीरथपुरा की है. परिजनों का कहना है कि दूषित पानी ने छह महीने के मासूम की जिंदगी छीन ली. उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किए गए बच्चे को बचाया नहीं जा सका. पूरा परिवार गहरे सदमे में है.

Advertisement
बच्चे की मौत के परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप. (Photo: Screengrab) बच्चे की मौत के परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप. (Photo: Screengrab)

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

  • इंदौर,
  • 01 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:29 PM IST

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में मराठी मोहल्ले की गलियों में उस दर्द की गूंज सुनाई देती है, जिसने एक पूरी फैमिली को हिलाकर रख दिया. दरअसल, यहां दूषित पानी की वजह से छह महीने के मासूम की मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है. लोगों में आक्रोश का माहौल है. बच्चे के परिजनों ने प्रशासन और नगर निगम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

Advertisement

भागीरथपुरा के मराठी मोहल्ले में रहने वाले साहू परिवार का कहना है कि इलाके में लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा था, जिसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसी दूषित पानी की वजह से उनके छह माह के बेटे की जान चली गई. बच्चे को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके.

मासूम की मौत के बाद मां साधना साहू का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा कि करीब दस साल की मन्नतों और दुआओं के बाद उन्हें बेटा हुआ था. प्रेग्नेंसी के दौरान गंभीर गायनिक समस्याएं रहीं, जिस कारण करीब नौ महीने तक बेड रेस्ट पर रहना पड़ा. साधना का कहना है कि मां का दूध कम आने के कारण मजबूरी में बाहर से दूध लाकर बच्चे को पिलाना पड़ता था, जिसमें पानी मिलाया जाता था. वही पानी उनके बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ.

Advertisement

यह भी पढ़ें: गाढ़ा दूध पच जाए इसलिए मां ने मिला दिया था नल का पानी... इंदौर में उसी 'जहर' ने ली 5 महीने के अव्यान की जान; 10 साल की मन्नतों के बाद हुआ था बेटा

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी दस साल की बेटी को भी लगातार पेट दर्द और पेट से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं, जिससे साफ है कि इलाके का पानी लोगों की सेहत के लिए खतरनाक बन चुका है. उन्होंने कहा कि मेरा बच्चा चला गया, लेकिन पता नहीं और कितने मासूम इस वजह से खतरे में पड़ेंगे.

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता बयां कर रहे हैं. विभाग के अनुसार, दूषित पानी से अब तक 149 लोग बीमार पड़ चुके हैं, जिन्हें उल्टी-दस्त और पेट से जुड़ी अन्य शिकायतें हैं. इनमें से सात लोगों की मौत हो चुकी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी संज्ञान लिया है. पीड़ित परिवार से मुलाकात करने का कार्यक्रम तय किया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement