MP की मंदसौर पुलिस ने कुख्यात तस्कर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है. इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी रुकसाना को मुख्य आरोपी बनाया है. पुलिस ने साक्ष्य छुपाने के आरोप में रुखसाना के दो भाइयों (भय्यू के साले) बबलू और सलमान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रुखसाना फिलहाल फरार है.
18 फरवरी को भय्यू लाला की मौत के बाद पत्नी रुखसाना ने एक वीडियो वायरल कर आरोप लगाया था कि 15-20 पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर भय्यू के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई. परिजनों ने कहानी गढ़ी थी कि वह पुलिस के डर से पलंग की पेटी में छिप गया था और दम घुटने से उसकी जान गई.
PM रिपोर्ट और SIT का खुलासा
डॉक्टरों के पैनल से करवाए गए पोस्टमार्टम ने पुलिस पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. रिपोर्ट में सामने आया कि शरीर पर मारपीट का कोई निशान नहीं था, बल्कि पॉइंट 32 बोर की गोली कान के पीछे से मारी गई थी जो आंख की तरफ से बाहर निकली थी. एसपी की ओर से गठित SIT ने जब संदेही साले बबलू और सलमान से सख्ती से पूछताछ की, तो पूरा राज खुल गया.
घर में हुआ था झगड़ा, फिर चली गोली
पूछताछ में पता चला कि 18 फरवरी को पति-पत्नी के बीच जमकर झगड़ा हुआ था. इसी दौरान तैश में आकर रुखसाना ने फायर आर्म्स से भय्यू की हत्या कर दी. हत्या के बाद भाइयों ने मिलकर फर्श से खून साफ किया और पिस्टल छिपा दी. FSL टीम को घर की तलाशी के दौरान पलंग के नीचे एक तहखाना मिला, जहां खून के निशान पाए गए.
पुलिस का स्टैंड
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रुखसाना की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं. पुलिस पर लगे पैसे के लेनदेन के आरोपों के लिए भी एक अलग जांच कमेटी बनाई गई है. रुखसाना के पकड़े जाने के बाद इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है.
अजय बाड़ोलिया