महाकुंभ की 'वायरल गर्ल' निकली नाबालिग, अस्पताल के रिकॉर्ड ने खोली पोल, फरमान पर पॉस्को एक्ट में FIR; जानिए पूरा केस

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की चर्चित 'वायरल गर्ल' के मामले में नया मोड़ आ गया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड से पुष्टि हुई है कि वह बालिग नहीं, बल्कि नाबालिग है. प्रशासन ने उसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र निरस्त कर आरोपी फरमान के खिलाफ पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

Advertisement
फरमान पर एफआईआर (Photo- ITG) फरमान पर एफआईआर (Photo- ITG)

उमेश रेवलिया

  • खरगोन ,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:28 PM IST

एमपी के खरगोन जिले की 'वायरल गर्ल' के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पर्यटन स्थल महेश्वर की रहने वाली 'वायरल गर्ल' का यूपी के बागपत के फरमान के साथ केरल में निकाह का मामला अब कानूनी पचड़े में फंस गया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेश्वर के प्रसव पंजीयन रजिस्टर के अनुसार, 'वायरल गर्ल' का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था, जिससे वह वर्तमान में नाबालिग सिद्ध हुई है. इस खुलासे के बाद आरोपी फरमान के विरुद्ध पॉस्को एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के हस्तक्षेप के बाद मध्य प्रदेश और केरल पुलिस ने जांच तेज कर दी है.

Advertisement

अस्पताल के रिकॉर्ड ने उजागर किया सच

'वायरल गर्ल' के उम्र को लेकर चल रहे विवाद पर अस्पताल के दस्तावेजों ने विराम लगा दिया है. महेश्वर स्वास्थ्य केंद्र के वर्ष 2009 के प्रसव रजिस्टर में उसकी मां का नाम दर्ज मिला, जिसमें  'वायरल गर्ल' की जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 अंकित है. इससे पहले नगर परिषद द्वारा जारी वह प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है, जिसमें उसे बालिग दिखाया गया था. नगर परिषद के सीएमओ प्रियंक पांड्या ने स्वीकार किया कि एफिडेविट के आधार पर गलत प्रमाण पत्र जारी हुआ था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है.

माता-पिता ने लगाई बेटी को वापस लाने की गुहार

 'वायरल गर्ल' के पिता और मां ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की है. उनका कहना है कि उनकी बेटी भोली है और उसे गुमराह कर फंसाया गया है. माता-पिता ने आरोप लगाया कि झूठे दस्तावेज तैयार कर यह निकाह किया गया है. उन्होंने इसे 'लव जिहाद' करार देते हुए शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी नाबालिग बेटी को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस दिलाया जाए. इस मामले में परिजनों ने महेश्वर थाने में पहले ही आवेदन दिया था.

Advertisement

विधायक ने बताया सोची-समझी साजिश

महेश्वर के भाजपा विधायक राजकुमार मेव ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इसे शुद्ध रूप से लव जिहाद का मामला बताया. विधायक ने कहा कि हमारे नगर की बेटी को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शादी की गई. उन्होंने सरकार से मांग की है कि पॉस्को एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए 'वायरल गर्ल' को तुरंत वापस लाया जाए. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने भी डीजीपी को सख्त निर्देश दिए हैं.

आयोगों की सक्रियता से बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार

यह मामला मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे तीन राज्यों से जुड़ा होने के कारण गंभीर हो गया है. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली ने खरगोन एसपी रवींद्र वर्मा को जांच के कड़े निर्देश दिए हैं. जनजाति आयोग की सक्रियता के बाद पुलिस ने फरमान के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. जांच में यह भी सामने आया है कि नगर परिषद से 5 जून 2025 को जारी किया गया सर्टिफिकेट पूरी तरह से गलत तथ्यों पर आधारित था, जिसने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement