मध्यप्रदेश सरकार ने अपने नए बजट में विकास और सामाजिक सुरक्षा का खाका खींच दिया है. लाडली बहना योजना के लिए करीब 24 हजार करोड़ और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए 13 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान कर सरकार ने अपने भविष्य के इरादे साफ कर दिए हैं.
सरकार ने अन्नदाताओं के लिए सौर ऊर्जा और नकद सहायता पर जोर दिया है. 3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे.
पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को सालाना 12000 रुपये मिलते रहेंगे.
21 हजार 630 करोड़ रुपये की 'मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना' से दूरस्थ गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा.
| योजना/विभाग | आवंटित बजट (करोड़ में) | उद्देश्य |
| लाडली बहना योजना | 23,882 रुपये | महिला सशक्तिकरण और मासिक आर्थिक सहायता |
| सिंहस्थ 2028 | 13,851 रुपये | उज्जैन में होने वाले महापर्व की बुनियादी तैयारियां |
| स्वास्थ्य विभाग | 23,747 रुपये | चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण |
| पंचायत एवं ग्रामीण विकास | 40,062 रुपये | ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास |
| पीएम आवास योजना | 6,850 रुपये | गरीबों के लिए पक्के मकानों का निर्माण |
| सड़क मरम्मत | 12,690 रुपये | प्रदेश की सड़कों के जाल को सुधारना |
शिक्षा और पोषण में नया बदलाव
अगले वित्तीय वर्ष से कक्षा 8वीं तक के छात्रों को मिड डे मील के साथ दूध भी दिया जाएगा.
छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए एक हजार 800 करोड़ का विशेष प्रावधान.
धार्मिक और सामाजिक उत्थान
जी-राम-जी योजना: इस नई योजना के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
11 हजार 277 जनजातीय गांवों के कायाकल्प के लिए 793 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक के उत्थान के लिए एक 651 करोड़ रुपये का प्रावधान है.
विधानसभा में हंगामा
वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने जैसे ही स्वास्थ्य विभाग पर बोलना शुरू किया तो कांग्रेस विधायकों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी और छिंदवाड़ा सिरप कांड समेत सूबे की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाए. विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायकों को शांत रहने को कहा, जिसके बाद वित्तमंत्री ने भाषण जारी रखा.
रवीश पाल सिंह