इंदौर की यह घटना किसी क्राइम थ्रिलर जैसी लग सकती है, लेकिन पुलिस को जांच में मिले तथ्य इससे कहीं ज्यादा सिहराने वाले हैं. एक साल की दोस्ती, बढ़ता प्यार, फिर शक, दबाव और अंत में एक बंद कमरे में खामोश होती सांसें. दोनों एक ही संस्थान में पढ़ते थे. करीब एक साल पहले मुलाकात हुई और धीरे-धीरे रिश्ता गहराता गया. दोस्ती ने प्रेम का रूप लिया. परिवार भी एक-दूसरे से परिचित थे. आना-जाना था, बातचीत थी और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा भी. लेकिन इस रिश्ते के भीतर धीरे-धीरे अविश्वास का दीमक लग चुका था.
शादी का दबाव और बढ़ती तकरार
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतका उससे शादी करने का दबाव बना रही थी. वह इसे लेकर असमंजस में था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर बहस होती थी. आरोपी का कहना है कि उसे यह भी लगता था कि उसकी प्रेमिका दूसरे लड़कों से भी बात करती है. यही शक धीरे-धीरे जुनून में बदलता गया. 10 तारीख को आरोपी ने युवती को अपने कमरे पर बुलाया. बताया जा रहा है कि उस दिन भी शादी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई. पुलिस के अनुसार, इसी दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने. लेकिन बहस ने अचानक हिंसक रूप ले लिया.
रस्सी से गला घोंटा, फिर शराब पी
आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने रस्सी से युवती का गला दबा दिया. कमरे में सन्नाटा छा गया. एक जिंदगी वहीं खत्म हो गई. लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी वहीं बैठा रहा. उसने शराब पी. इतना ही नहीं, उसने मृतका के शव के साथ भी दुर्व्यवहार किया. किस तरह का दुर्व्यवहार हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी, लेकिन आरोपी ने स्वयं इस बारे में संकेत दिए हैं.
हाथ-पैर बांधे, मुंह में पन्नी ठूंसी
जांच में सामने आया है कि युवती के हाथ-पैर बांधे गए थे और उसके मुंह में पन्नी ठूंसी गई थी ताकि वह चीख न सके. इससे साफ होता है कि घटना अचानक भले शुरू हुई हो, लेकिन उसके बाद आरोपी ने सुनियोजित तरीके से हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की. आरोपी ने यह भी बताया कि जब युवती की मौत हो चुकी थी, तब उसने उसके पेट में चाकू भी मारा. इस दावे की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी.
मोबाइल से भेजे वीडियो, चरित्र हनन की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने एक और चौंकाने वाला कदम उठाया. उसने मृतका के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर उसके परिचितों के ग्रुप में कुछ वीडियो भेजे. पुलिस का मानना है कि यह युवती का चरित्र हनन करने की कोशिश थी, ताकि मामला किसी और दिशा में मोड़ दिया जाए. यह डिजिटल सुराग ही बाद में जांच का अहम आधार बना.
13 को मिला शव, 14 फरवरी को गिरफ्तारी
कमरे से बदबू आने और संपर्क न होने पर 13 तारीख को शव बरामद किया गया. पुलिस ने जांच तेज की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 14 फरवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के समय वह शहर में नहीं था. हत्या के बाद वह ट्रेन से पनवेल चला गया था.
पनवेल में ‘आत्मा से बात’ की खोज
पूछताछ में एक और विचलित करने वाला पहलू सामने आया. आरोपी ने पनवेल के पास इंटरनेट और यूट्यूब पर सर्च किया था कि आत्माओं से कैसे बात की जाती है. उसने कथित तौर पर तंत्र-मंत्र से जुड़े वीडियो भी देखे और कुछ क्रियाएं करने की कोशिश की. जांच अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवहार उसकी मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े करता है. हालांकि अंतिम निष्कर्ष मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद ही निकाला जाएगा.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. उसी के आधार पर धाराओं में बदलाव या बढ़ोतरी हो सकती है. डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है. पुलिस आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच कराने पर विचार कर रही है. यह देखा जाएगा कि क्या वह पहले से किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा था या अपराध के बाद की गतिविधियां केवल भ्रम फैलाने की कोशिश थीं. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि रिश्तों में बढ़ता अविश्वास और असुरक्षा किस हद तक घातक हो सकती है. प्यार, अधिकार और शक के बीच की महीन रेखा जब टूटती है, तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है.
धर्मेंद्र कुमार शर्मा