₹10 लाख का टेंडर, तिराहे पर लगा दी 50 हजार रुपये वाली फाइबर मूर्ति, विधायक-कलेक्टर लोकार्पण भी कर गए

Tantya Mama Statue Controversy Khargone: MP के खरगोन में जननायक टंट्या मामा की जिस प्रतिमा को धातु या संगमरमर का होना था, उसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाकर 'फाइबर' का बना दिया गया. मामला तूल पकड़ते ही कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है और नगरपालिका ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है.

Advertisement
टंट्या मामा की मूर्ति में घपला.(Photo:ITG) टंट्या मामा की मूर्ति में घपला.(Photo:ITG)

उमेश रेवलिया

  • खरगोन,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:33 PM IST

MP News: खरगोन शहर के बिस्टान नाका तिराहा पर स्थापित जननायक टंट्या मामा भील की आदमकद प्रतिमा को लेकर हुआ विवाद अब भ्रष्टाचार के बड़े खुलासे में बदल गया है. कागजों पर 'धातु या पत्थर' की मूर्ति का आदेश देकर मौके पर 'फाइबर' की मूर्ति लगा दी गई, जिसका लोकार्पण भी वीआईपी अतिथियों से करा लिया गया. मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया. मामले की पुष्टि होते ही जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने कड़ा रुख अपनाते हुए मूर्ति को तत्काल बदलने और दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. परिषद में निर्णय लिया है कि दोबारा धातु की मूर्ति लगाएंगे.

Advertisement

24 सितंबर 2025 को नगरपालिका परिषद ने 40 लाख रुपये के सौंदर्यीकरण कार्य की स्वीकृति दी, जिसमें मूर्ति स्थापना शामिल थी. 9 लाख 90 हजार रुपए में मूर्ति क्रय का टेंडर जारी हुआ. कलेक्टर के साफ निर्देश थे कि प्रतिमा पक्के पत्थर या धातु की होनी चाहिए.

15 नवंबर 2025 को विधायक बालकृष्ण पाटीदार और कलेक्टर भव्या मित्तल ने अनजाने में इसी फाइबर की मूर्ति का लोकार्पण कर दिया. कांग्रेस के शिकायती आवेदन और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद जब जांच हुई, तो पता चला कि मूर्ति संगमरमर या धातु की नहीं, बल्कि सस्ते फाइबर की है.

मामला उजागर होते ही जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद नगरपालिका की PIC (प्रेसिडेंट इन काउंसिल) की आपात बैठक बुलाई गई: संबंधित ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.

Advertisement
जननायक टंट्या मामा की मूर्ति में हेराफेरी.

क्षमा याचना और दान का नाटक

घिरते देख ठेकेदार ने लिखित में माफी मांगी है और अब वह उस फाइबर मूर्ति को 'दान' में देने की बात कह रहा है ताकि भुगतान की कानूनी कार्रवाई से बच सके. नगरपालिका अब दोबारा टेंडर बुलाकर धातु की प्रतिमा स्थापित करेगी.

कांग्रेस बोली- अब लीपापोती की कोशिश

पूर्व विधायक और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष रवि जोशी ने इसे सीधे तौर पर टंट्या मामा का अपमान और बड़ा भ्रष्टाचार करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 10 लाख रुपए के टेंडर के बदले मात्र 50 हजार रुपए की फाइबर मूर्ति लगा दी गई. अब अधिकारियों को बचाने के लिए 'दान-पत्र' लिखवाकर लीपापोती की जा रही है. कांग्रेस ने मांग की है कि केवल ठेकेदार नहीं, बल्कि उन इंजीनियरों और अधिकारियों पर भी FIR हो जिन्होंने बिना जांच के मूर्ति की फिटिंग कराई.

इनका कहना

नगरपालिका सीएमओ कमला कौल का कहना है कि ठेकेदार ने अपनी त्रुटि स्वीकार की है. पीआईसी के निर्णय के अनुसार अब धातु की मूर्ति लगाई जाएगी और दोषी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय जांच शुरू की जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »