'मेरे कलेजे का टुकड़ा...', 9 महीने बेड रेस्ट पर रहकर जन्मा, नल से निकले 'जहर' ने छीन लिया, इंदौर की एक मां का दर्द

Indore Water Contamination Tragedy: इंदौर के भागीरथपुरा में 6 महीने के मासूम अव्यान की जान दूषित पानी ने ले ली. जिस मां ने इस सोच के साथ दूध में पानी मिलाया था कि बच्चा उसे आसानी से पचा सकेगा, उसे क्या पता था कि नगर निगम के नलों से आने वाला वह पानी मासूम के लिए 'जहर' बन चुका है.

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दूध में नल का पानी मिलाकर पिलाने से बच्चे की मौत.(Photo:ITG) दूध में नल का पानी मिलाकर पिलाने से बच्चे की मौत.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • इंदौर,
  • 01 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में फैली जल त्रासदी की सबसे मार्मिक और रूह कंपा देने वाली कहानी मराठी मोहल्ले से सामने आई है. यहां एक मां की ममता और 10 साल के लंबे इंतजार के बाद मिला उसका चिराग नगर निगम की लापरवाही के कारण हमेशा के लिए बुझ गया. 6 माह के मासूम की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है.  

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मृत मासूम की मां साधना साहू की आपबीती सुनकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. साधना और उनके पति को शादी के 10 साल बाद यह बेटा नसीब हुआ था. गर्भावस्था के दौरान साधना को चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण पूरे 9 महीने बेड रेस्ट पर रहना पड़ा था, ताकि बच्चा सुरक्षित रहे.

साधना को दूध कम आता था, इसलिए मजबूरी में उन्हें बच्चे को बाहर का दूध पिलाना पड़ा. दूध गाढ़ा होने के कारण उन्होंने उसमें घर के नल का पानी मिलाया. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस पानी को वे 'जीवन' समझकर मिला रही हैं, वह वास्तव में 'जहर' बन चुका है.

मां ने दावा किया कि उनके बेटे को दूषित पीने के पानी की वजह से उल्टी और दस्त होने लगे और 29 दिसंबर को उसकी मौत हो गई.

नलों से आ रहा था 'जहर'

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परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि इलाके में लंबे समय से गंदा पानी आ रहा था. पानी पीने के बाद मासूम को भीषण उल्टी और दस्त हुए. अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. परिवार की 10 साल की बेटी को भी लगातार पेट दर्द की शिकायत बनी हुई है.

रोते हुए साधना ने बस एक ही सवाल पूछा, ''मेरा बच्चा तो चला गया, पर प्रशासन बताए कि और कितने बच्चे इस गंदे पानी की भेंट चढ़ेंगे?''

इंदौर के हालात बेकाबू होते देख राज्य सरकार अब सक्रिय हुई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव आज खुद भागीरथपुरा पहुंचकर पीड़ित साहू परिवार से मुलाकात करेंगे और सांत्वना देंगे.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दूषित पानी से अब तक 149 गंभीर मरीज सामने आए हैं, जबकि आधिकारिक तौर पर 7 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय यह संख्या 9 बता रहे जबकि हालांकि स्थानीय लोग मरने वालों का आंकड़ा 13 बता रहे हैं.

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