'मुसलमानों के बिना शून्य है कांग्रेस...', वंदे मातरम विवाद पर बोलीं पार्षद रुबीना खान; निष्कासन की खबरों के बीच बोलीं- ओवैसी की पार्टी में चली जाऊंगी

MP के इंदौर में ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान के बाद न सिर्फ पार्टी के भीतर विवाद गहराया है, बल्कि बीजेपी भी सड़कों पर उतर आई है. मामला इतना बढ़ गया है कि निष्कासन, विरोध प्रदर्शन और एफआईआर की मांग तक पहुंच चुका है.

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इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष ने रुबीना खान के निष्कासन का भेजा प्रस्ताव.(Photo:Screengrab) इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष ने रुबीना खान के निष्कासन का भेजा प्रस्ताव.(Photo:Screengrab)

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

  • इंदौर,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:12 PM IST

इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन को लेकर हंगामा शुरू हुआ. कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने इस्लामी मान्यताओं का हवाला देते हुए गीत गाने से इनकार किया और इसे अपमानित करने वाले तर्क दिए, जिसके बाद उन्हें एक दिन के लिए निष्कासित कर दिया गया. इसी बीच वार्ड-39 की पार्षद रुबीना इकबाल खान ने उग्र रुख अपनाते हुए सदन में कहा कि "किसी के बाप में दम नहीं कि हमसे वंदे मातरम कहलवा ले."

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दरअसल, सदन की कार्यवाही रुकने के बाद रुबीना ने मीडिया के सामने पार्टी लाइन से हटकर कई विवादित बयान दिए. उन्होंने कहा, ''भाड़ में जाए कांग्रेस, कांग्रेस हमसे है हम कांग्रेस से नहीं हैं.''

उन्होंने कहा कि मुस्लिमों का अस्तित्व बना रहेगा, क्योंकि वे कब्रों में दफन होंगे, जबकि हिंदुओं की अस्थियां गंगा के साथ बहकर अरब सागर में मिल जाएंगी.

रुबीना ने कहा कि कांग्रेस मुसलमानों के बिना शून्य है और यदि उन्हें निशाना बनाया गया, तो वे ओवैसी की पार्टी (AIMIM) में चली जाएंगी. देखें VIDEO:- 

कांग्रेस के भीतर रार 
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने रुबीना खान के बयानों को पार्टी विरोधी बताते हुए उनके निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेज दिया है. चौकसे ने घोषणा की है कि अब इंदौर में कांग्रेस के हर कार्यक्रम की शुरुआत 'वंदे मातरम' और समापन 'जन गण मन' से होगा. जिसे आपत्ति है, वह बैठक में न आए.

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कांग्रेस के सीनियर नेता केके मिश्रा ने रुबीना पर कार्रवाई का समर्थन किया है, वहीं डॉ. अमीनुल खान सुरी ने चिंटू चौकसे को 'तानाशाह' करार देते हुए उनका विरोध किया है. 

BJP का आक्रामक रुख और प्रदर्शन
मामला अब प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अगर कांग्रेस अपने पार्षद पर कार्रवाई नहीं कर सकती, तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए. वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें बीजेपी से देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है.

दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए पूरी प्रदेश इकाई से इस्तीफे की मांग की है. वहीं, इंदौर बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने इसे 'जिन्नावादी सोच' करार दिया. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इंदौर के सभी 85 वार्डों में विरोध प्रदर्शन किया और रुबीना खान व फौजिया शेख के पुतले फूंके. निगम अध्यक्ष मुन्नालाल यादव ने संभागायुक्त को पत्र लिखकर दोनों पार्षदों पर FIR दर्ज करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है. 

महापौर पुष्यमित्र भार्गव की प्रतिक्रिया
महापौर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह से इस मुद्दे पर स्पष्ट स्टैंड लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रतीकों का अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है और इस मामले में कड़ा आवेदन तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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