एक शब्द की गफलत... शाहबानो के परिजनों ने लगाया 'डेटा' चोरी का आरोप, भीड़ ने समझा 'बेटा' चोर और कर दी लेखिका की मॉब लिंचिंग

शाहबानो केस पर रिसर्च करने इंदौर आई एक महिला लेखिका 'शब्दों के फेर' और 'भीड़ की सनक' के कारण मॉब लिंचिंग का शिकार होते-होते बचीं. शाहबानो के परिजनों ने जब महिला को 'डेटा चोर' कहकर जाने को कहा तो वहां मौजूद भीड़ ने 'बेटा चोर' समझ लिया और महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी.

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बच्चा चोरी के शक में निर्दोष लेखिका को पीटा.(Photo:Screengrab) बच्चा चोरी के शक में निर्दोष लेखिका को पीटा.(Photo:Screengrab)

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

  • इंदौर,
  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

तलाक के बाद गुजारा भत्ते की मांग को लेकर देश भर में चर्चा में रहे शाहबानो प्रकरण से जुड़ी किताब लिखने इंदौर पहुंची एक महिला लेखिका मॉब लिंचिंग जैसी घटना की शिकार हो गई. शाहबानो के परिजनों ने 'डेटा चोर' का आरोप लगाया, लेकिन क्षेत्र के लोगों ने उसे 'बेटा चोर' समझकर महिला की पिटाई कर दी. यही नहीं, महिला को कई घंटे थाने में भी बैठना पड़ा. घटना के 15 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम है. महिला की शिकायत के बाद पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है.

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दरअसल, शाहबानो मुद्दे पर पुस्तक लिखने के लिए इंदौर आई एक महिला लेखिका के साथ खजराना क्षेत्र में मॉब लिंचिंग जैसी घटना हो गई. आरोप है कि शाहबानो परिवार से जुड़े परिजनों ने लेखन सामग्री और शोध डेटा साझा करने के नाम पर महिला से 25 लाख रुपये और किताब की बिक्री पर तीन प्रतिशत हिस्सा मांगा था. 

महिला ने इस संबंध में एक एग्रीमेंट भी तैयार कराया, लेकिन परिजनों ने उसमें बदलाव कर दिए और महिला को 'डेटा चोर' कहने लगे. इतने में जब भीड़ इकट्ठी हो गई, तब उन्होंने 'डेटा चोर' शब्द को 'बेटा चोर' समझकर खजराना क्षेत्र की खिजराबाद कॉलोनी की भीड़ ने महिला को बच्चा चोर समझकर पिटाई कर दी.  देखें VIDEO:- 

गफलत में पुलिस ने भी उसे कई घंटे थाने में बैठाए रखा. बाद में साफ हुआ कि महिला न तो बच्चा चोर है और न ही कोई अपराधी, बल्कि शाहबानो प्रकरण पर शोध कर रही लेखिका है. देखें VIDEO:- 

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घटना के बाद महिला ने खजराना थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है.

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जिन लोगों ने महिला को बच्चा चोर बताकर भीड़ इकट्ठी की, उनके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ भीड़ हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी और देरी के कारणों की भी समीक्षा की जा रही है.

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