इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर 'हथियार' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. एक तरफ इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का तांडव मचा है, वहीं दूसरी तरफ संघमित्र का अपनी ही सरकार की नीतियों पर किया गया तीखा प्रहार अब उनके पिता और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है.
यह वीडियो 4 सितंबर 2025 का है, जब देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय में एक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई थी.इसी आयोजन में इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव डेली कॉलेज की ओर से बोल रहे थे. संघमित्र ने बुलेट ट्रेन, वेटिंग लिस्ट और रेलवे के निजीकरण को लेकर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया था.
संघमित्र को बोलते सुना जा सकता है, ''ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आलम यह है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेकर भी यात्रा नहीं कर पाते. वादा था कि 2022 तक अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन दौड़ेगी, लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन सरकार के पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन से बाहर नहीं आ पा रही है. जमीन अधिग्रहण में करोड़ों रुपए खर्च हुए, घोटाले हुए, लेकिन बुलेट ट्रेन हकीकत में नहीं आई.
सरकार दावा करती है कि कवच तकनीक से रेल हादसे रुकेंगे, लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग रेल हादसों में मारे गए. जब रेल पटरी से उतरती है, तो सिर्फ डिब्बे नहीं टूटते, एक मां की गोद सूनी होती है, बच्चे का भविष्य अंधेरे में डूबता है और बूढ़े पिता की आखिरी उम्मीद छिन जाती है.''
स्कूली छात्र संघमित्र ने आगे कहा, ''स्टेशन रिडेवलपमेंट की बात होती है. सरकार ने कहा था कि 400 स्टेशन एयरपोर्ट जैसे बनेंगे, लेकिन सिर्फ 20 बने. वहां भी शिकायतें हैं कि चमकते बोर्ड तो हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही है. सीएजी की 2022 की रिपोर्ट बताती है कि स्टेशन निर्माण के लिए स्वीकृत 1.25 लाख करोड़ रुपये में से 80% परियोजनाएं अधूरी हैं. सुरक्षा के लिए 78% बजट डायवर्ट कर दिया गया. इकोनॉमिक टाइम्स की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, 300 करोड़ रुपए की कैटरिंग एक ही कंपनी को दे दी गई. सरकार कहती है 'सबका साथ, सबका विकास,' लेकिन रेलवे में हो रहा है दलाल का साथ, निजीकरण का विकास और जनता का विनाश.'' देखें Video:-
खास बात यह रही इस दौरान मंच पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, स्थानीय बीजेपी विधायक और मेयर पुष्यमित्र मौजूद थे. बीजेपी नेता असहज दिखे, लेकिन मुस्कुराते हुए भाषण सुनते रहे. उधर, साहसिक भाषण पर ऑडिटोरियम में मौजूद श्रोताओं ने जोरदार तालियां बजाईं.
अब यही वीडियो वायरल हो रहा है, क्योंकि इंदौर नगर निगम पर आरोप लग रहे हैं कि वहां काम के नाम पर सिर्फ 'पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन' होते रहे, जबकि जमीन पर जनता जहरीला पानी पीती रही.
भागीरथपुरा त्रासदी: सरकारी आंकड़ा 6, दावा 17 मौतों का
बता दें कि इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इस वक्त मातम में डूबा है. दूषित पानी की सप्लाई ने यहां कहर बरपाया है. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार केवल 6 लोगों की जान गई है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रहवासियों का दावा है कि अब तक 17 लोग दूषित जल के कारण दम तोड़ चुके हैं. लोगों का आरोप है कि नगर निगम को कई बार शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया. आज किसी का बेटा, किसी की मां तो किसी का पिता इस दुनिया से चला गया.
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सोशल मीडिया यूजर्स संघमित्र के वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं, "बेटा सरकार से सवाल पूछने में माहिर है, काश पिता (मेयर) भी जनता की जान बचाने में इतने ही माहिर होते." लोग पूछ रहे हैं कि क्या मेयर के घर में भी ऐसा ही पानी आता है जैसा भागीरथपुरा की गरीब जनता को पिलाया गया?
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