इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मचे हाहाकार के बीच क्षेत्रीय विधायक और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खुद मैदान में उतर आए हैं. उन्होंने क्षेत्र की तंग गलियों का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना. इस दौरान उन्होंने मौतों के आंकड़ों और राहत कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया, जिससे प्रशासनिक और स्थानीय दावों के बीच का अंतर एक बार फिर उजागर हो गया है. उन्होंने 13 लोगों की मौत के आंकड़ों को नकारते हुए 9 लोगों की मौत होने की जानकारी दी है.
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक, इलाके में अब तक 1400 लोग बीमार हुए हैं, जिनमें से 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. राहत की बात यह बताई गई कि कोई भी मरीज डेंजर ज़ोन में नहीं है, जबकि सिर्फ एक मरीज वेंटीलेटर पर रखा गया है. मंत्री ने दावा किया कि सरकार की पूरी कोशिश है कि किसी भी हाल में लोगों की जान बचाई जाए.
मंत्री विजयवर्गीय के मुताबिक जिन मरीजों ने अस्पताल में निजी खर्च पर इलाज कराया है, उनकी सूची तैयार कर ली गई है और सरकार उनके पैसे वापस करेगी. मौतों के आंकड़ों पर मंत्री का बयान और भी चौंकाने वाला रह उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर अब तक 4 मौतें दर्ज की गई हैं, लेकिन मेरे पास 9 मौतों की जानकारी है.
हालांकि, दूसरी ओर भागीरथपुरा के परिजनों का बड़ा आरोप है कि मौतों का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है. परिजनों के अनुसार कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है. मंत्री ने 13 मौतों की जानकारी से स्पष्ट इंकार कर दिया है.
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इस बीच मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर भारी असमंजस बना हुआ है, एका तरफ सरकारी आंकड़े, दूसरी ओर ग्राउंड पर सामने आ रहे परिजनों के दावे अलग अलग है और इसी के बीच पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल देखा जा रहा है और लोग नलों से आने वाला पानी नहीं भर रहे हैं.
धर्मेंद्र कुमार शर्मा