देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की साख अब 'जहरीले पानी' के संकट में डूबती नजर आ रही है. भागीरथपुरा कांड के बाद अब सोनिया गांधी नगर, गुलजार कॉलोनी और पिपलियाराव जैसे इलाकों से डरावनी तस्वीरें सामने आई हैं. 'आज तक' के रियलिटी चेक में खुलासा हुआ है कि करोड़ों का टैक्स भरने वाली जनता नाली के बीच से गुजरती पाइपलाइनों और काई लगे जंग लगे टैंकरों का पानी पीने को मजबूर है.
भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 10 लोगों की मौतों के बाद हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन ने टैंकर तो भेजे, लेकिन उनकी हालत रूह कंपा देने वाली है. जिस टैंकर से पानी सप्लाई हो रहा है, वह अंदर और बाहर से भीषण जंग और काई से सना हुआ है.
कांग्रेस ने इस मामले को लेकर बीजेपी सरकार को घेर लिया है. 'X' पर विपक्षी दल ने लिखा, ''इंदौर में जिस टैंकर से लोगों को पानी सप्लाई हो रहा है, वह भीषण जंग और गंदगी से सना हुआ है. ये हाल तब है- जब दूषित पानी से 17 लोगों की जान जा चुकी है. सवाल है- क्या इस गंदे टैंकर का पानी नरेंद्र मोदी और मोहन यादव पिएंगे?''
उधर, शहर के सोनिया गांधी नगर में पीने के पानी की पाइपलाइन गलियों की खुली नालियों के बीच से होकर गुजर रही है. पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण सीवर का गंदा पानी सीधे घरों की रसोई तक पहुंच रहा है. रोज सुबह 8 बजे नर्मदा सप्लाई के नाम पर नलों से काला और बदबूदार पानी निकल रहा है. देखें Video:-
लैब टेस्टिंग और TDS मीटर का खुलासा
'आजतक' ने जब टीडीएस (TDS) मीटर से पानी की जांच की और भारत सरकार के पूर्व नोडल ऑफिसर सुधींद्र मोहन शर्मा से बात की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. सुधींद्र मोहन शर्मा के अनुसार, नर्मदा का यह दूषित पानी जानलेवा है. अगर इसका लगातार सेवन किया गया, तो किडनी फेलियर और गंभीर संक्रमण से लोगों की जान जा सकती है.
भागीरथपुरा के 69 बोरिंग दूषित पानी की चपेट में पाए गए हैं, जिन्हें नगर निगम ने 48 घंटे के लिए हटाकर क्लोरिनेशन शुरू किया है.
300 रुपए बिल देते हैं, बदले में मिलता है 'जहर'
स्थानीय निवासियों ने पानी के बिल दिखाते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया. लोग हर महीने 300 रुपए का बिल भरते हैं, लेकिन पानी केवल 15 मिनट आता है और वह भी एक तरह से जहरीला होता है.
लोगों का आरोप है कि पार्षद, विधायक और मंत्री कोई सुनवाई नहीं करते. स्थानीय विधायक और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 'आजतक' से के सवाल पर 'कल जवाब देने' की बात कही थी, लेकिन वह 'कल' कभी नहीं आया. बहरहाल, 40 हजार की आबादी अब महंगे RO वॉटर केन या इन्हीं गंदे टैंकरों के भरोसे जीने को मजबूर है.
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के बाद पूरे मध्यप्रदेश में राजनीतिक उबाल देखने को मिल रहा है. इस दर्दनाक घटना को लेकर विपक्ष सड़कों पर उतर आया है और कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाए जा रहे हैं.
पीयूष मिश्रा