इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में 13 फरवरी को मिली युवती की लाश के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पियूष धनोतिया को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को मुंबई से पकड़कर इंदौर लाया गया था. पूछताछ में आरोपी ने आपसी विवाद और ईर्ष्या के चलते हत्या करना कबूल किया है. पियूष ने स्वीकार किया कि युवती अपने दोस्तों से बातचीत करती थी, ये मुझे पसंद नहीं था, इसलिए हत्या की. हालांकि, लड़की ने कई बार आरोपी से शादी की बात भी कही. आरोपी ने कहा कि लड़की उसकी बात नहीं मानती थी, इसी बात से आक्रोशित होकर उसने वारदात को अंजाम दिया. पियूष धनोतिया ने कहा, 'लड़की का दोस्तों से बात करना मुझे पसंद नहीं था.' फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद सेंट्रल जेल भेज दिया गया है.
पुलिस रिमांड पर हो रही पूछताछ
दरअसल, इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में 13 फरवरी को एक युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी. मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पियूष धनोतिया को मुंबई से गिरफ्तार किया. जिसमें एसीपी शिवेंदु जोशी के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ धारा 103 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर सघन पूछताछ की गई.
पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल का रिक्रिएशन कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए. वही रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी को पुनः न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सेंट्रल जेल भेज दिया गया है.
फिलहाल पुलिस विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. रिपोर्ट आने के बाद मामले में यौन अपराध से संबंधित अन्य धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं. पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.
हाथ-पैर बांधकर की हत्या
13 फरवरी को द्वारकापुरी क्षेत्र में एक किराए के फ्लैट से बदबू आने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर बिस्तर पर युवती का नग्न शव मिला. उसके गले पर फंदे जैसे निशान थे. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पियूष धनोतिया ने पहले युवती के हाथ-पैर बांधे और शोर न मचा सके इसलिए उसके मुंह में प्लास्टिक भर दिया, फिर गला घोंटकर हत्या कर दी.
मोबाइल से वीडियो भेजकर भागा
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी ने युवती का फोन इस्तेमाल कर कुछ वीडियो एक ग्रुप में शेयर किए, जिससे उसकी बदनामी हो सके और खुद पर शक कम हो. इसके बाद वह ट्रेन से इंदौर छोड़कर महाराष्ट्र के पनवेल पहुंच गया.
करीब एक साल से रिश्ते में थे
डीसीपी राम कृष्णलचंदानी के अनुसार, दोनों लगभग एक वर्ष से एक-दूसरे को जानते थे और संबंध में थे. आरोपी विवाह को लेकर असहज रहता था और इसी बात पर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. उसे संदेह था कि युवती अन्य लोगों से बातचीत करती है. साथ ही, वह इस बात से भी नाराज था कि युवती उस पर शादी के लिए दबाव डाल रही थी.
धर्मेंद्र कुमार शर्मा