रात 10 बजे पोते के जन्मदिन का न्योता देने पहुंचे बुजुर्ग, तो मना नहीं कर पाए IAS स्वप्निल वानखड़े; कलेक्टर ने गांव में बिताई रात

Swapnil Wankhade IAS: दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और एसपी सूरज वर्मा ने ग्राम बीकर में रात्रि विश्राम कर ग्रामीणों का दिल जीत लिया. रात 10 बजे एक बच्चे का जन्मदिन मनाने पहुंचे और सुबह पैदल घूमकर समस्याओं का समाधान किया. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

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दतिया के बीकर गांव में खुले आसमान के नीचे सोए कलेक्टर.(Photo:ITG) दतिया के बीकर गांव में खुले आसमान के नीचे सोए कलेक्टर.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • दतिया,
  • 26 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:50 PM IST

मध्य प्रदेश के दतिया कलेक्टर IAS स्वप्निल वानखड़े और एसपी सूरज वर्मा ने एक नई मिसाल पेश की है. जिले के ग्राम बीकर पहुंचे अफसरों ने न सिर्फ चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि पूरी रात गांव में ही विश्राम कर जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित किया.

प्रशासन के इस दौरे में एक भावुक कर देने वाला क्षण तब आया जब रात 10 बजे गांव के एक बुजुर्ग कलेक्टर से मिलने पहुंचे. कलेक्टर वानखड़े ने बताया, "हमारा भोजन हो चुका था, तभी एक दादाजी आए और आग्रह किया कि मेरे एक साल के पोते का जन्मदिन है, कृपया घर आएं.

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उनके निमंत्रण को हम मना नहीं कर पाए और मैं व एसपी साहब उनके घर पहुंचे. बच्चे को गोद में लेकर आशीर्वाद दिया और परिवार के साथ समय बिताया. यह जुड़ाव और विश्वास का एक सशक्त अनुभव था."

पैदल भ्रमण और चाय पर चर्चा
रात्रि विश्राम के बाद अगली सुबह कलेक्टर और एसपी पैदल ही गांव की गलियों में निकल पड़े. कलेक्टर कई किसानों के घर पहुंचे, जहां उन्होंने चाय-पानी ग्रहण किया और खेती-बाड़ी व पारिवारिक विषयों पर चर्चा की. उन्होंने मुख्यमंत्री की किसान कल्याण योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं से ग्रामीणों को रूबरू कराया.

बच्चों से संवाद
सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने बच्चों से उनके भविष्य के सपनों पर बात की और उन्हें मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया.

मौके पर ही समस्याओं का समाधान
ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं, साफ-सफाई और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपनी बात रखी. कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का निराकरण फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर होना चाहिए.

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कलेक्टर ने गांव के मंदिर में दर्शन किए और सब्जी बेचने वाले छोटे किसानों व स्थानीय दुकानदारों से भी उनकी चुनौतियों के बारे में जानकारी ली. प्रशासन की इस सक्रियता ने ग्रामीणों के बीच सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है.

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