ट्विशा शर्मा मौत मामले में उस समय बड़ा हंगामा देखने को मिला जब समर्थ सिंह के कोर्ट में पहुंचने की खबर सामने आई. जबलपुर जिला अदालत परिसर में अचानक हलचल बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. समर्थ सिंह के पहुंचते ही दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और कोर्ट परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई.
पीड़िता पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कोर्ट में गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने आदेश दिया था कि समर्थ सिंह या तो ट्रायल कोर्ट या फिर जांच अधिकारी के सामने सरेंडर करें. उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट भोपाल में है और जांच के लिए SIT भी शामिल है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि मामले में CBI की भूमिका को लेकर भी आदेश सामने आया है. वकील ने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह को बचाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा कि वह जज के बेटे हैं और उन्हें विशेष संरक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने की कोई वैध प्रक्रिया नहीं है, फिर भी उन्हें वहां लाया गया. वकील अनुराग श्रीवास्तव ने आगे कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि समर्थ सिंह सरेंडर करने आए हैं, लेकिन असल में वहां कोई औपचारिक सरेंडर नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट रूम के अंदर समर्थ सिंह को अंधेरे में बैठाया गया था.
समर्थ सिंह के कोर्ट पहुंचते ही जबलपुर में मचा हंगामा
उस समय जज कोर्ट में मौजूद नहीं थे और वहां केवल तीन क्लर्क थे. उन्होंने सवाल उठाया कि किस अधिकार के तहत उन्हें वहां रखा गया. वकील ने कहा कि जब उन्होंने इस पर सवाल किया तो किसी के पास जवाब नहीं था. उन्होंने यह भी दावा किया कि जैसे ही समर्थ सिंह ने उन्हें देखा, वह वहां से भाग गए.
वकील ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गई और उन्हें कोर्ट परिसर से हटाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि उस समय पुलिस मौजूद थी या नहीं. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कोर्ट परिसर में काफी देर तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही.
कोर्ट परिसर में देर तक बनी रही अफरातफरी
दोनों पक्षों के वकील आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया. फिलहाल इस मामले में समर्थ सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं पीड़िता पक्ष लगातार जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है. कोर्ट परिसर में हुए इस घटनाक्रम के बाद मामले ने एक बार फिर सुर्खियां पकड़ ली हैं और आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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