भोपाल में 26 टन मांस से भरे एक ट्रक की जब्ती ने मध्य प्रदेश में बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है. जब्त मांस की लैब जांच में कुछ फीसदी मांस के बीफ होने की पुष्टि के बाद सत्तारूढ़ भाजपा बैकफुट पर है. वहीं मामले में अबतक एक वेटनरी डॉक्टर समेत भोपाल नगर निगम के 8 अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है. आरोप है कि भोपाल नगर निगम के PPP मॉडल पर संचालित हाईटेक स्लॉटर हाउस में गोकशी की गई और गोमांस को कंटेनर में भरकर बाहर भेजा जा रहा था.
यह खेप पुलिस मुख्यालय (PHQ) के ठीक सामने हिंदूवादी संगठनों ने पकड़ ली. यूपी नंबर के कंटेनर में भरा मांस AC वैन में रखा गया था, पैकेटों पर QR कोड और स्पेशल टैग लगे थे यानी सब कुछ पूरी प्लानिंग और सिस्टम के साथ. पहले पुलिस ने सैंपल लेकर कंटेनर छोड़ दिया, लेकिन लैब रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि होते ही हड़कंप मच गया. नगर निगम को मजबूरन स्लॉटर हाउस सील करना पड़ा. मामला सामने आते ही भोपाल की सड़कों पर हंगामा शुरू हो गया. बजरंग दल ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, तो वहीं कांग्रेस ने नगर निगम दफ्तर के सामने नारेबाजी करते हुए बीजेपी राज में गो-हत्या का आरोप लगाया. कांग्रेस ने सवाल पूछा कि जब प्रदेश और नगर निगम दोनों जगह बीजेपी की सत्ता है, तो यह सब किसकी जानकारी में हो रहा था?
प्रदेश से लेकर निगम तक बीजेपी की सरकार
दरअसल, सूबे की सत्ता से लेकर नगर निगम तक में भाजपा का ही नियंत्रण है. निगम के इस स्लॉटर हाउस को लाइवस्टॉक नाम की एक फर्म को सालाना 4 लाख रुपये के किराए पर दिया गया था जिसका संचालन असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा करता था. मामले को तूल पकड़ता देख असलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि कंटेनर को जब्त कर लिया गया है. इस मामले में मंगलवार को नगर निगम की परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ और स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली कंपनी और असलम कुरैशी को आजीवन ब्लैकलिस्ट कर दिया गया.
हिंदूवादी-मुस्लिम संगठन, कांग्रेस और बीजेपी सबका प्रदर्शन
इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है कि पहली बार हिंदूवादी और मुस्लिम संगठन, कांग्रेस और बीजेपी सभी अपने-अपने तरह से प्रदर्शन कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. जय मां भवानी हिंदू संगठन का कहना है कि इससे हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंची है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसलिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है.
वहीं, मामले में मुस्लिम त्यौहार कमिटी ने भी बुधवार को प्रदर्शन कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. कांग्रेस ने निगम मुख्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया और मेयर मालती राय समेत कमिश्नर का इस्तीफा मांगा.
यह भी पढ़ें: भोपाल से 26 टन गोमांस मुंबई भेजा... छलका BJP विधायक का दर्द, बोले- गाय सिर्फ वोटों की राजनीति तक सीमित
इसके अलावा, सत्तारुढ़ बीजेपी के पार्षद और निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा, ''चाहे असलम चमड़ा हो या कहीं का भी चमड़ा, अगर कोई इस तरह के अपराध में लिप्त पाया गया तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा. इस तरह के मामलों में सिर्फ अपराध करने वाले ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारी या कोई भी व्यक्ति भी कार्रवाई से नहीं बचेगा.''
डॉक्टर समेत निगम के कई कर्मचारी सस्पेंड
मामले में कार्रवाई करते हुए भोपाल नगर निगम के वेटनरी डॉक्टर बीपी गौर को संभागायुक्त संजीव सिंह ने सस्पेंड कर दिया है जबकि नगर निगम ने स्लॉटर हाउस में तैनात वसीम खान, सलीम खां, राजा खां, शेख युसूफ, वहीद खान, मोहम्मद फैयाज खान, ईसा मोहम्मद, अब्दुल रहमान को सस्पेंड कर दिया है.
रवीश पाल सिंह