'भोपाल का ऐशबाग ब्रिज 90 नहीं, 119 डिग्री का है', मध्य प्रदेश के PWD मंत्री का दावा- विकसित देशों में भी हैं ऐसे पुल

सोशल मीडिया पर मीम्स और इंजीनियरिंग के मजाक का केंद्र बना भोपाल का ऐशबाग रेल ओवर ब्रिज एक बार फिर चर्चा में है. मध्य प्रदेश के PWD मंत्री राकेश सिंह ने इस 'खतरनाक मोड़' वाले ब्रिज का बचाव करते हुए एक नया तकनीकी पक्ष रखा है.

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भोपाल के ब्रिज पर मीम्स बनाने वालों को मंत्री का जवाब.(File Photo) भोपाल के ब्रिज पर मीम्स बनाने वालों को मंत्री का जवाब.(File Photo)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:50 PM IST

MP की राजधानी भोपाल का '90 डिग्री वाला ब्रिज' एक बार फिर सुर्खियों में है. ऐशबाग रेल ओवरब्रिज को सोशल मीडिया पर बेहद ट्रोल किया गया था. अब इस मामले में PWD मंत्री राकेश सिंह ने चुप्पी तोड़ी है. विधानसभा में उन्होंने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि ब्रिज 90 डिग्री का नहीं, बल्कि 119 डिग्री का है. उन्होंने कहा कि एक गलत धारणा बन गई है जिस पर सब चल पड़े हैं. हाईकोर्ट की जांच में पाया गया कि पुल असल में 119 डिग्री का था.

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PWD मंत्री ने तर्क दिया कि नया शहर बसाते समय हम आदर्श डिजाइन बना सकते हैं, लेकिन बसे-बसाए पुराने शहर में उपलब्ध जगह के आधार पर ही विकास कार्य करने होते हैं. बड़े विकसित देशों में और देश के विकसित राज्यों में भी 90 डिग्री के ब्रिज भी हैं और 90 डिग्री की सड़कें भी हैं. 

असली गलती कहां हुई? 
मंत्री ने माना कि समस्या ब्रिज की डिग्री में नहीं, बल्कि स्लोप (ढाल) और कर्व (घुमाव) में थी. सही तकनीकी मापदंड नहीं अपनाए जाने के कारण ही वाहन चालकों को दिक्कत हुई और इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई. 

अब तक की कार्रवाई
बता दें कि 18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ROB तब सुर्खियों में आया था जब यह बात सामने आई थी कि पुल 90 डिग्री का है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं.

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इस विवाद को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने 28 जून को PWD के 7 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया था और असामान्य मोड़ वाले पुल के 'दोषपूर्ण डिजाइन' के लिए एक रिटायर्ड इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया था.

यह भी पढ़ें: 'जब तक सड़कें हैं, "'जब तक सड़कें हैं, गड्ढे होते रहेंगे...', MP के PWD मंत्री राकेश सिंह का बयान

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर ब्रिज में सुधार के लिए एक स्पेशल कमेटी बनाई गई. निर्माण एजेंसी और डिजाइन सलाहकार को ब्लके लिस्ट में डाल दिया गया. 

मान-सम्मान की बात
मंत्री राकेश सिंह ने सदन में कहा कि यह मध्य प्रदेश हम सबका है और इसकी छवि खराब होना किसी को अच्छा नहीं लगेगा. उन्होंने विपक्ष और जनता से आग्रह किया कि वे तकनीकी पहलुओं और शहर की भौगोलिक सीमाओं को भी समझें.

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