मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 10 मई को एक होटल में हिंदू युवती के साथ मौजूद मुस्लिम युवक की पिटाई और उसका मुंह काला किए जाने के मामले ने शहर का सांप्रदायिक माहौल गरमा दिया है. इस घटना के विरोध में 12 मई की रात शहर काजी की अपील पर सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद कई इलाकों में चक्काजाम और पीरगेट इलाके में पथराव की स्थिति बन गई.
तनावपूर्ण माहौल को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) शालिनी दीक्षित का एक वीडियो अब सोशल मीडिया की सुर्खियों में है.
भीड़ को शांत करने के लिए बोला 'इंशाअल्लाह'
मंगलवार देर रात जब प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर था और गाड़ियों के पहिए थम चुके थे, तब स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए 7 से ज्यादा थाना प्रभारियों और एसीपी स्तर के अधिकारियों ने मोर्चा संभाला.
ADCP शालिनी दीक्षित ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया. वीडियो में वे प्रदर्शनकारियों से यह कहती नजर आ रही हैं, ''इंशाअल्लाह, हम मिलकर कड़क से कड़क कार्रवाई करेंगे.'' देखें VIDEO:-
महिला अधिकारी के इस संवेदनशील और स्थानीय संस्कृति से जुड़े शब्द के इस्तेमाल ने वहां जादुई असर किया और उग्र हो रही भीड़ शांत होने लगी. जहां कई लोग उनके इस रुख को 'स्मार्ट पुलिसिंग' और सूझबूझ बता रहे हैं, वहीं इस बयान पर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आए.
अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई?
भोपाल पुलिस ने इस पूरे मामले में दोनों पक्षों की ओर से कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त एक्शन लिया है. होटल में घुसकर युवक को पीटने, कपड़े उतारने और चेहरे पर गोबर-स्याही पोतने के मामले में नामजद बजरंग दल के सभी 7 कार्यकर्ताओं को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
पथराव करने वालों पर एक्शन
वहीं, 12 मई की रात पीरगेट पर प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे और पथराव को लेकर पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज की है, जिनमें से 4 मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है.
क्या था मूल विवाद?
यह पूरा बवाल 10 मई को शुरू हुआ था, जब गोविंदपुरा इलाके के एक होटल में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक अंतरधार्मिक जोड़े को पकड़ लिया था. कार्यकर्ताओं ने युवक के साथ बर्बरता की और धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली टिप्पणियां की थीं, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद शहर काजी और मुस्लिम संगठनों ने पुलिस कमिश्नर दफ्तर का घेराव कर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी. फिलहाल शहर में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह काबू में है.
धर्मेंद्र साहू