किसान का कमाल: एक ही पौधे पर उगा दिए बैंगन और टमाटर, इस अजूबे को दूर-दूर से देखने आ रहे लोग

Farming News: किसान देवेंद्र दवंडे ने यूट्यूब पर देखकर तमिलनाडु से टर्की बेरी (जंगली भटा) के तीन पौधे बुलवाए थे. इसमें किसान देवेंद्र ग्राफ्टिंग कर बैगन और टमाटर लगाए. इस तरह से एक ही पौधे में दो प्रकार की सब्जियां लगी हुई हैं. तीन माह पहले किसान ने पौधों की ग्राफ्टिंग की थी. उसके परिणाम बेहतर आ रहे हैं. 

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एक ही पौधे में बैगन और टमाटर की अलग-अलग वैरायटी. एक ही पौधे में बैगन और टमाटर की अलग-अलग वैरायटी.

राजेश भाटिया

  • बैतूल ,
  • 03 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 7:18 PM IST

मध्य प्रदेश के बैतूल में एक किसान ने ऐसा कमाल किया कि लोग किसान की तारीफ कर रहे हैं. किसान ने ऐसी तकनीक का उपयोग किया कि एक पौधे में बैंगन और टमाटर एक साथ उगाए जा रहे हैं. इस पौधे  को लोग बड़े ही आश्चर्य से देख रहे हैं और इसे अजूबा मान रहे हैं. हालांकि, कृषि वैज्ञानिक इसे ग्राफ्टिंग विधि मानते हैं. 

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बैतूल के खेड़ी गांव में रहने वाले किसान देवेंद्र दवंडे खेती में कुछ नया करने के लिए प्रयोग करते रहते हैं. इन प्रयोगों में वे सोशल मीडिया की भी मदद लेते हैं. देवेंद्र ने ऐसा ही एक प्रयोग किया जिसमें एक पौधे में बैंगन और टमाटर की दो-दो वैरायटी पैदा हो रही हैं. 

किसान देवेंद्र दवंडे ने यूट्यूब पर देखकर तमिलनाडु से टर्की बेरी (जंगली भटा) के तीन पौधे बुलवाए थे. इसमें किसान देवेंद्र ग्राफ्टिंग कर बैगन और टमाटर लगाए. इस तरह से एक ही पौधे में दो प्रकार की सब्जियां लगी हुई हैं. तीन माह पहले किसान ने पौधों की ग्राफ्टिंग की थी. उसके परिणाम बेहतर आ रहे हैं. 

ग्राफ्टिंग करने के लिए दवंडे ने कृषि वैज्ञानिक से ट्रेनिंग ली. इसके बाद किसान ने जंगली बैंगन का एक पौधा घर और दूसरा भैंसदेही रोड पर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में लगाया. प्रयोग के तौर पर पंचमुखी हनुमान मंदिर में जंगली बैगन में हरे बैंगन और काले बैगन के पौधे की ग्राफ्टिंग की. इसके बाद हाइब्रिड टमाटर और देशी (छोटे) टमाटर के पौधे की ग्राफ्टिंग की. अब उसमें सब्जियां लगने लगी हैं.

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किसान देवेंद्र दवंडे ने लगाया है पौधा. (फोटो:aajtak)

किसान देवेंद्र का कहना है कि इस तरह की ग्राफ्टिंग से लगने वाले पौधों में साल भर में 50 से 100 किलो तक बैगन, 30 से 40 किलो तक टमाटर पैदा हो सकते हैं. उन्होंने बताया टमाटर का पौधा साल भर फल नहीं देता इसलिए पैदावार कम होती है. 

बैंगन और टमाटर का पौधा. (फोटो:aajtak)

कृषि वैज्ञानिक आरडी बारपेठे का कहना है, ग्राफ्टिंग सत्यापित विधि है. जो विकसित देश हैं, वहां के किसान इसे वृहद स्तर पर कर एक ही पौधे में चार प्रकार की फसल ले रहे हैं. ग्राफ्टिंग विधि में एक ही प्रजाति के पौधों की ग्राफ्टिंग की जाती है. टमाटर, भटा, आलू और मिर्ची एक ही प्रजाति के पौधे हैं, जो ग्राफ्टिंग के बाद आसानी से पनपकर फल देते हैं.

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