फेसबुक की सीओओ शेरिल सैंडबर्ग ने कहा है कि बच्चियों को कम उम्र से ही लीडरशिप के बारे में सिखाना चाहिए. ताकि वो भी जिंदगी में बेहतर लीडर बन सकें. उन्होंने कहा कि हम लड़कियों को तो कहते हैं कि कम उम्र में नेतृत्व न करें, वहीं लड़कों को इसी बात के लिए प्रोत्साहित करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती है.
शेरिल ने कहा कि महिलाएं ही खुद को पुरुषों की तुलना में कम करके आंकती है. यही बात उन्हें प्रोग्रेस और सैलरी ज्यादा बढ़ाने से रोकती है. इसके लिए शुरुआती कदम है महिलाओं को अच्छी सैलरी मिले.
फोर्ब्स के मुताबिक करीब 11 हजार करोड़ नेटवर्थ रखने वाली शेरिल सैंडबर्ग का ये बयान लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है और उसे लोग खूब रीशेयर कर रहे हैं. महिलाओं को हमेशा प्रेरित करने वाली शेरिल का अपना जीवन भी बेहद संघर्ष पूर्ण रहा है. यहां हम आपको शेरिल सैंडबर्ग के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं, जिन्हें संभवत: आप नहीं जानते होंगे...
फेसबुक की सीओओ शेरिल सैंडबर्ग का जन्म 28 अगस्त 1969 को हुआ था. साल 2008 तक वो फेसबुक की सीओओ बन गईं. फेसबुक को पूरी दुनिया में बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
तीन भाई बहनों में शेरिल सबसे बड़ी हैं. उनका जन्म एक यहूदी परिवार में हुआ था. उनके पिता एडेले नेत्र-विशेषज्ञ थे और मां जोल सैंडबर्ग कॉलेज में फ्रेंच पढ़ाती थीं.
सैंडबर्ग ने नॉर्थ मियामी सीनियर बीच हाई स्कूल से पढ़ाई की है. बाद में, उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और बीए (अर्थशास्त्र में) किया. उन्होंने 1995 में हार्वर्ड से एमबीए भी किया.
हार्वर्ड में रहते हुए ही सैंडबर्ग ने एक 'Women in Economics and Government.' नाम से एक समूह बनाया था. यह समूह इसलिए तैयार किया गया था ताकि सरकार और अर्थशास्त्र में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को लाया जा सके.
फेसबुक के साथ जुड़ने से पहले शेरिल सैंडबर्ग ने McKinsey & Company और वर्ल्ड बैंक के साथ काम किया है. उन्होंने तब के तत्कालीन अमेरिकी सचिव ट्रेजरी लैरी समर्स के स्टाफ प्रमुख के रूप में भी सेवा प्रदान किया. इसके बाद उन्होंने साल 2001 में Google ज्वाइन कर लिया.
साल 2012 में फेसबुक के बोर्ड ऑफ डायरेक्ट में शामिल होने वाली सैंडबर्ग पहली महिला बन गई.
शेरिल की किताब 'Lean In: Women, Work, and the Will to Lead' बेस्ट सेलर साबित हुई. इस किताब में यह बताया गया था कि आखिर क्यों महिलाएं लीडरशिप नहीं कर पातीं.
अपने स्कूल के दिनों में सैंडबर्ग लोगों को एरोबिक्स सिखाती थीं.
शेरिल के पति डेविड गोल्डबर्ग भी बिजनेस की दुनिया के जाने-माने शख्स थे. जब उनका देहांत हुआ तक वो सर्वे मॉन्की के सीईओ थे. शेरिल की 11 साल की शादी थी. 47 साल के डेविड की मौत जिम में हुई थी.
शेरिल ने अकेले ही अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण किया. परिवार और ऑफिस दोनों में संतुलन करते हुए शेरिल ने न तो कभी काम को नजरअंदाज किया और न ही परिवार को. उनके लिए दोनों प्राथमिकता हैं. सबसे खास बात ये है कि सैंडबर्ग घर में भी अपना काम खुद ही करती हैं.