कैलिफोर्निया के ओकलैंड की एक महिला ब्लॉगर का अबॉर्शन के मुद्दे पर किया गया ट्वीट खूब वायरल हो रहा है. उन्होंने ट्विटर पर अबॉर्शन के मुद्दे पर एक के बाद एक कई ट्वीट किए और कहा कि दुनिया भर में अनचाही प्रेग्नेंसी की वजह पूरी तरह से मर्द होते हैं. उनके इस तर्क से ट्विटर की दुनिया में हलचल सी मच गई.
गैब्रियल ब्लेयर नाम की एक ब्लॉगर 6 बच्चों की मां हैं. उन्होंने ट्वीट्स
की एक पूरी सीरीज ही चला दी. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि अबॉर्शन रोकने
में मर्दों की दिलचस्पी बिल्कुल जीरो होती है और एक्सीडेंटल प्रेग्नेंसी के
लिए पूरी तरह से वे ही जिम्मेदार होते हैं. उन्होंने अपनी बात साबित करने के लिए कई तर्क भी दिए.
ब्लेयर ने लिखा, अगर आप अबॉर्शन रोकना चाहते हैं तो आपको अनचाही प्रेग्नेंसी रोकनी होगी और मर्द अनचाहे गर्भ के लिए 100 फीसदी जिम्मेदार हैं. आप सोच रहे होंगे कि प्रेग्नेंसी के लिए तो दो लोगों की जरूरत होती है. लेकिन दो लोगों की जरूरत प्लान्ड प्रेग्नेंसी के लिए होती है, अनचाही प्रेग्नेंसी के लिए नहीं.
महिलाएं केवल महीने में दो दिन गर्भवती हो सकती हैं और वह भी एक नियत उम्र
तक ही. यानी महिलाएं एक साल में केवल 24 बार प्रेग्नेंट हो सकती हैं लेकिन
पुरुष साल के 365 दिन महिलाओं को प्रेग्नेंट कर सकते हैं. वास्तव में अगर
दिन में कई बार एजाकुलेट करते हैं तो आप एक दिन में कई बार प्रेग्नेंट कर
सकते हैं.
ब्लेयर ने लिखा, महिलाओं के विपरीत पुरुषों को कोई मेनोपॉज नहीं होता है यानी वे मरने से पहले तक स्पर्म प्रोड्यूस कर सकते हैं. साफ है कि अनचाहे गर्भ के लिए पुरुष ही जिम्मेदार हैं.
महिला ने बहस को आगे बढ़ाते हुए लिखा कि पुरुषों को कॉन्डोम का इस्तेमाल करना बिल्कुल पसंद नहीं होता है. वास्तव में कई पुरुष महिलाओं पर बिना कॉन्डोम के सेक्स के लिए दबाव डालते हैं.
महिला ने स्टीलथिंग का भी संदर्भ दिया. उन्होंने कहा कि कुछ पुरुष संबंध बनाने के दौरान महिलाओं की अनुमति के बिना या उनसे छिपाकर कॉन्डोम हटा देते हैं. इसे ही स्टीलथिंग कहा जाता है.
यानी पुरुष महिलाओं को अनचाहे गर्भ का खतरा लेने को मजबूर करते हैं. जिसका मतलब है कि वे कुछ मिनट के आनंद के लिए उसकी जिंदगी, उसकी सेहत, उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा, रिश्ते और उसका करियर सब दांव पर लगा देते हैं.
ब्लेयर ने आगे लिखा, यह बहुत परेशान करने वाला होता है जब आपको महसूस होता है कि पुरुष पूरी तरह से अपनी मर्जी चला रहे हैं. महिलाओं को यही बताया जाता है कि दुनिया में पुरुषों का प्लेजर ही सबसे अहम है.
लेकिन बर्थ कंट्रोल के बारे में क्या? अगर महिलाएं अनचाहा गर्भ नहीं चाहती हैं तो फिर वे बर्थ कंट्रोल का इस्तेमाल क्यों नहीं करतीं? ये भी अच्छा सवाल है. आधुनिक बर्थ कंट्रोल इस सदी का सबसे अच्छा आविष्कार हैं और मैं इसके लिए बेहद खुश हूं. लेकिन यह दर्दनाक भी है. कई महिलाओं के लिए इसके साइड इफेक्ट खतरनाक हैं. लेकिन इन सबके बावजूद महिलाएं इसे लेने के लिए आगे आ रही हैं.
ब्लेयर ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किए गए एक ट्रायल का भी उदाहरण दिया जिसमें पुरुषों के लिए कंट्रासेप्टिव इंजेक्शन बनाने की बात कही गई. महिला ने लिखा, 'जब कई सारे पुरुषों ने साइड इफेक्ट की बात कही तो फिर उस ट्रायल को बंद कर दिया गया हालांकि उस लिस्ट के साइड इफेक्ट महिलाओं को ओरल कंट्रासेप्शन से होने वाले साइड इफेक्ट का एक तिहाई भी नहीं थे.'
ब्लेयर ने बॉयोलॉजिकली व्याख्या भी दी. उन्होंने कहा, पुरुष ऑर्गैज्म का अनुभव किए बिना महिलाओं को प्रेग्नेंट कर ही नहीं सकते हैं लेकिन महिलाएं बिना किसी प्लेजर के ही प्रेग्नेंट हो सकती हैं.
महिलाओं की प्रेग्नेंसी या फर्टिलिटी का ऑर्गैजम से कोई लेना देना नहीं है.
ब्लेयर ने नतीजा निकालते हुए कहा कि लोगों को क्लीनिकों के बाहर विरोध-प्रदर्शन बंद करना चाहिए और अनचाहे गर्भ के लिए महिलाओं को दोषी ठहराना बंद करना चाहिए.
ब्लेयर के ट्वीट्स की सीरीज पर लाखों कॉमेंट्स और लाखों लाइक्स आ चुके हैं. यह ट्वीट गुरुवार को पोस्ट किया गया था. कुछ लोगों ने ब्लेयर के तर्कों की तारीफ की तो कुछ उनसे अहमत भी नजर आए.