गर्मियों में मटके पर क्यों लपेटते हैं बोरी? जानकर आज से ही आप भी अपनाएंगे ये सस्ता जुगाड़

गर्मियों में मटके का पानी अमृत समान होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मटके पर गीला कपड़ा या बोरी क्यों लपेटी जाती है? यह साधारण दिखने वाले देसी जुगाड़ के पीछे की असली वजह जानकर आप तुरंत इस जुगाड़ को इस गर्मी जरूर आजमाएंगे.

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मटके का पानी ज्यादा हेल्दी होता है. (PHOTO:ITG) मटके का पानी ज्यादा हेल्दी होता है. (PHOTO:ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:32 AM IST

गर्मियों के मौसम में ठंडा पानी पीना हर किसी को अच्छा लगता है. आजकल लोग फ्रिज का पानी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. हालांकि कई घरों में लोग आज भी मटके का पानी ही पीते हैं, क्योंकि ठंडा भी होता है और सेहत को नुकसान भी नहीं पहुंचाता है. मिट्टी के घड़े का पानी ठंडा सबको अच्छा लगता है, अगर आप भी गर्मी के दिनों में मटके का पानी पीते हैं तो आपने अक्सर देखा होगा कि लोग घड़े के ऊपर या उसके चारों तरफ एक गीला कपड़ा या बोरी (सैक) बांध दी जाती है. मगर क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है? इसका कारण जानकर आप भी यह आसान और देसी तरीका जरूर अपनाना चाहेंगे.

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मिट्टी का घड़ा खुद ही पानी को ठंडा रखने की खासियत रखता है. इसकी सतह पर छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनसे पानी धीरे-धीरे बाहर की तरफ आता है और फिर हवा के संपर्क में आकर सूख जाता है. इस प्रोसेस को वाष्पीकरण (Evaporation) कहते हैं. जब पानी वाष्प बनकर उड़ता है, तो वह अपने साथ गर्मी भी ले जाता है, जिससे घड़े के अंदर का पानी ठंडा हो जाता है.

घड़े पर कपड़ा या बोरी क्यों बांधी जाती है?

अब सवाल आता है कि घड़े पर कपड़ा या बोरी क्यों बांधी जाती है? इसका कारण है ठंडक को और ज्यादा बढ़ाना. जब आप घड़े पर गीला कपड़ा या बोरी लपेट देते हैं, तो वो कपड़ा लगातार पानी को सोखता रहता है और धीरे-धीरे सूखता रहता है. इससे वाष्पीकरण की प्रक्रिया और तेज हो जाती है. जितना ज्यादा वाष्पीकरण होगा, उतनी ही ज्यादा ठंडक पैदा होगी. इसका मतलब है कि घड़े का पानी और भी ज्यादा ठंडा होगा.

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इसके अलावा, गीला कपड़ा घड़े को सीधी धूप से भी बचाता है. गर्मियों में तेज धूप घड़े को गरम कर सकती है, जिससे पानी की ठंडक कम हो जाती है. लेकिन जब घड़े पर कपड़ा बंधा होता है, तो वह एक तरह की ढाल का काम करता है और अंदर के पानी को ठंडा बनाए रखता है.

यह तरीका खासकर उन जगहों पर बहुत काम आता है जहां बिजली की कमी होती है या फ्रिज उपलब्ध नहीं होता. गांवों और छोटे शहरों में आज भी लोग इस पारंपरिक तरीके का इस्तेमाल करते हैं. यह न केवल सस्ता है, बल्कि पूरी तरह से प्राकृतिक भी है.

एक और खास बात यह है कि मिट्टी के घड़े का पानी स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है. यह बॉडी टेम्परेचर बैलेंस रखता है और बहुत ज्यादा ठंडा नहीं होता, जिससे गले में खराश या सर्दी-जुकाम का खतरा भी कम रहता है. वहीं फ्रिज का बहुत ज्यादा ठंडा पानी कई बार नुकसान भी कर सकता है.

बिना फ्रिज मिलेगा ठंडा-ठंडा पानी

अगर आप भी इस गर्मी में ठंडा और हेल्दी पानी पीना चाहते हैं, तो आप भी इस आसान ट्रिक को आजमा सकते हैं, इसके लिए बस आपको एक मिट्टी का घड़ा लेना है और उसके ऊपर एक साफ कपड़ा या बोरी भिगोकर लपेट देनी है और उसे किसी ऐसी जगह पर रख देना है, जहां पर धूप ना आती हो. कुछ ही घंटों में आपको ठंडा और ताजा पानी मिल जाएगा.

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