Technical guruji aka gaurav chaudhary weight loss: टेक्निकल गुरुजी गौरव चौधरी फेमस इंडियन यूट्यूबर, टेक ब्लॉगर और नैनो साइंस रिसर्चर हैं. वो हिंदी में टेक्नोलॉजी से जुड़े वीडियो बनाते हैं और अभी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहते हैं. अजमेर (राजस्थान) के रहने वाले गौरव का नाम फोर्ब्स इंडिया 30 अंडर 30 लिस्ट में आ चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेक्निकल गुरुजी की अनुमानित नेट वर्थ 350-380 करोड़ बताई गई है. YouTube ads, ब्रांड स्पॉन्सरशिप और टेक प्रोडक्ट प्रमोशन से उनकी कमाई होती है.
कुछ दिन पहले उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें बताया है कि कैसे उन्होंने अपना 30 किलो वजन घटाया. तो आइए उनकी वेट लॉस जर्नी जानते हैं.
नॉर्मल लाइफ, नॉर्मल वेट
गौरव ने बताया कि 2015 में जब वह 24 साल के थे, तब उनका वजन नॉर्मल था. कॉलेज लाइफ चल रही थी, रूटीन एक्टिव था, ज्यादा ट्रैवल नहीं था और घर का खाना मिलता था. उस समय लाइफ बैलेंस में थी और फिटनेस अपने आप मैनेज हो जाती थी. लेकिन जब उनका काम शुरू हुआ तो उसके बाद उनकी लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल गई. लगातार ट्रैवल, सोने-जागने का कोई टाइम नहीं, बाहर का खाना आदि का असर धीरे-धीरे उन पर पड़ा और 2016 से 2019 तक धीरे-धीरे उनका वजन बढ़ने लगा. जुलाई 2020 तक उनका वजन 105 किलो पहुंच गया.
कोविड बना टर्निंग पॉइंट
गौरव ने बताया, 'कोविड के दौरान मुझे खुद पर काम करने का मौका मिला. मैंने 4 महीने के अंदर करीब 30 किलो वजन कम किया. इस दौरान मैं रोज 20-20 किलोमीटर तक वॉक करता था और दिन में लगभग 3 घंटे पैदल चलता था. नवंबर 2020 तक उनका वजन काफी कम हो चुका था.'
'वजन घटने के बाद मैंने बॉडी को टोन करने के लिए वर्कआउट शुरू किया. 2021 तक मैं अच्छी शेप में आ गया लेकिन फिर ट्रैवलिंग दोबारा शुरू हो गई. कोविड खत्म होने के बाद 2022, 2023 और 2024 में मेरा वजन फिर से 103 किलो तक पहुंच गया.'
2024 से स्ट्रिक्ट रूटीन अपनाया
'पिछले साल अक्टूबर में मैंने तय किया कि मैं अब कभी ट्रैवलिंग का बहाना नहीं बनाउंगा. मैंने स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो की और जितना रूटीन में फिट हो सका उतना वर्कआउट शुरू किया. महीने दर महीने मेहनत जारी रही. दिसंबर 2025 में अब मेरा वजन 75 किलो है और सभी बायो मार्कर्स परफेक्ट हैं. मैं अभी तक अपनी लाइफ के बेस्ट शेर में हूं.'
डिसिप्लिन ही असली सीक्रेट
गौरव चौधरी का कहना है, 'मेरी लाइफ में किसी ट्रेंड या शॉर्टकट ने नहीं बल्कि डिसिप्लिन ने काम किया है. AI या शॉर्टकट्स के भरोसे मत बैठिए. छोटे-छोटे डिसिप्लिन और रोज के गोल्स ही असली बदलाव लाते हैं. मैं कर सकता हूं, तो आप भी कर सकते हैं.'
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आजतक लाइफस्टाइल डेस्क