Sugarcane Juice Sugar Content: गर्मियों का मौसम आते ही सड़क के किनारे रेहड़ी पर गन्ने का रस बिकने लगता है. उमस भरी गर्मी और तेज धूप में शरीर को ठंडक देने के लिए अक्सर लोग गन्ने का जूस पी लेते हैं जिसे पीने के बाद उन्हें ताजगी और एनर्जी महसूस होती है. हालांकि ठंडे-ठंडे गन्ने के जूस को अक्सर लोग सेहतमंद मानकर बड़े चाव से पीते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह नेचुरल ड्रिंक आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि गन्ने के रस में मौजूद प्राकृतिक चीनी की अधिक मात्रा मोटापे और डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को सीधा न्यौता दे रही है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) रोजाना शुगर इंटेक गाइडलाइन के मुताबिक, 1 गिलास गन्ने के रस से 1 नहीं कई दिन का शुगर इंटेक पूरा हो जाता है.
हेल्थलाइन के मुताबिक, गन्ने के रस में नेचुरल शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. सिर्फ 100 मिलीलीटर गन्ने के जूस में लगभग 13 से 15 ग्राम चीनी होती है. यदि आप एक स्टैंडर्ड 300 मिलीलीटर का गिलास पीते हैं तो शरीर में 39 से 45 ग्राम तक चीनी चली जाती है. यह मात्रा लगभग 8 से 9 टी स्पून चीनी (1 टी स्पून=5 ग्राम) के बराबर है. लेकिन ये बात आप भी जानते हैं कि कई बार आप एक बार में 300 मिली से अधिक गन्ने का जूस पी जाते हैं जिससे शरीर में अचानक शुगर लेवल स्पाइक कर जाता है.
ICMR-NIN की गाइडलाइंस के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क को दिनभर में एडेड शुगर (ऊपर से ली जाने वाली चीनी) की मात्रा 20 से 25 ग्राम से अधिक नहीं रखनी चाहिए. यह लगभग 4 से 5 टी स्पून के बराबर है. यह लिमिट 2000 कैलोरी की डेली डाइट के आधार पर तय की गई है, ताकि कुल ऊर्जा का केवल 5 प्रतिशत हिस्सा ही चीनी से आए. लेकिन वहीं यदि आप एक या 2 गिलास गन्ने का जूस पीते हैं तो एक बार में ही आप दिनभर के शुगर इंटेक का लगभग 2 गुना शरीर के अंदर डाल देते हैं.
डॉक्टर्स का मानना है कि जब आप लिक्विड फॉर्म में इतनी अधिक चीनी का सेवन करते हैं तो शरीर उसे आसानी से नहीं एब्जॉर्ब करता. ऐसा करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ता है जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज और फैटी लिवर का कारण बनता है. इसके अलावा शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरी जमने के कारण वजन तेजी से बढ़का है जिसके कारण हार्ट की बीमारियों और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम भी तेज होता है. हालांकि गन्ने के रस में कुछ मिनरल्स भी होते हैं लेकिन वो चीनी की इतनी अधिक मात्रा के आगे न के बराबर हो जाते हैं.
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हमारी सलाह ये बिल्कुल नहीं है कि आप गन्ने का रस पीना पूरी तरह छोड़ दें. हमारा कहना है कि कोशिश करें कि जूस की मात्रा सीमित रखें और इसे रोजाना की आदत न बनाएं. यदि आप पहले से डायबिटीज के मरीज हैं या वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं तो इससे दूरी बनाना ही बेहतर है. याद रखें नेचुरल होने का मतलब हमेशा अनलिमिटेड नहीं होता.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क