केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का हाथ में प्याज लेकर जनसभा करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि जून की 51 डिग्री के टेम्प्रेचर में सिर पर कपड़ा बाधों और जेब में प्याज रखो, कुछ नहीं होगा. उन्होंने इसे अपना 'सुरक्षा कवच' बताया है. भारत के ग्रामीण इलाकों में यह मान्यता पीढ़ियों से चली आ रही है. लोग मानते हैं कि प्याज में गर्मी सोखने की अद्भुत क्षमता होती है और जब इसे शरीर के पास रखा जाता है, तो यह आसपास की हीट को एब्जॉर्ब कर लेता है.
क्या वाकई एक प्याज आपको भीषण लू से बचा सकता है? कई हिस्सों में आज भी बुजुर्ग सलाह देते हैं कि जेब में छोटा सा प्याज रखने से लू की लहर शरीर को छू नहीं पाती. इस 'प्याज मंत्र' के पीछे का साइंस क्या है, डॉक्टर्स और रिसर्च क्या कहती हैं, इस बारे में जान लीजिए.
मेडिकल साइंस और डॉक्टर्स इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हैं. डॉक्टर्स के अनुसार, लू तब लगती है जब शरीर का आंतरिक तापमान बहुत बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो जाता है.
मायो क्लिनिक के मुताबिक, इसके लिए शरीर के भीतर पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत होती है. जेब में रखा प्याज हवा की गर्मी को सोखकर आपके शरीर को ठंडा नहीं कर सकता. विशेषज्ञों का कहना है कि प्याज में पानी और सल्फर होता है, लेकिन वह जेब में रखे-रखे हवा की गर्मी को फिल्टर नहीं कर सकता. यह केवल एक प्लेसिबो इफेक्ट (Placebo Effect) हो सकता है जिससे व्यक्ति को मानसिक रूप से राहत महसूस होती है.
दिल्ली के सीके बिरला अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के कंसल्टेंट डॉ. अमित प्रकाश सिंह ने Aajtak.in को बताया, 'नहीं, जेब में प्याज रखने से लू से बचाव नहीं होता, यह एक आम मिथक है जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. लू से बचने के लिए शरीर को ठंडा रखना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और तेज गर्मी से बचना जरूरी है, न कि किसी चीज को जेब में रखना.'
'मेडिकल साइंस के अनुसार ऐसा कोई मैकेनिज्म नहीं है जिससे प्याज शरीर की गर्मी को सोख सके या त्वचा के माध्यम से तापमान को नियंत्रित कर सके. प्याज में पानी और कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स जरूर होते हैं, लेकिन इनका फायदा तभी होता है जब उसे खाया जाए, न कि जेब में रखा जाए. कई बार ऐसे मिथकों पर भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है, लू से बचाव के लिए सही जानकारी और सावधानी ही सबसे जरूरी है.'
दिल्ली के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के कंसल्टेंट डॉ. संचयन रॉय सीनियर के मुताबिक, 'प्याज में कुछ एंटीऑक्सीडेंट और सल्फर कंपाउंड जरूर पाए जाते हैं, जो खाने के रूप में शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन केवल जेब में रखने से ये शरीर पर कोई ठंडक या लू से सुरक्षा देने वाला असर नहीं डालते. इसलिए इस घरेलू नुस्खे पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं है.'
गुड़गांव के मैक्स हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. मनजिंदर संधू का कहना है, जेब में प्याज रखने से लू से बचाव होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. लू से बचने का एकमात्र तरीका शरीर को ठंडा रखना और हाइड्रेटेड रहना है. प्याज को शरीर के पास रखने से शरीर के आंतरिक तापमान पर कोई असर नहीं पड़ता.
आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के मुताबिक, प्याज को जेब में रखना सिर्फ एक मिथक (अंधविश्वास) है. वे बताते हैं कि प्याज का असली फायदा उसे खाने में है. प्याज का रस या कच्चा प्याज शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है लेकिन इसे साथ लेकर घूमने से कोई लाभ नहीं मिलता.
हेल्थलाइन की रिसर्च बताती है, कच्चा प्याज खाने से शरीर को क्वार्सेटिन मिलता है जो गर्मी से होने वाली सूजन को रोकता है. प्याज में इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो शरीर के पीएच लेवल को मेंटेन करते हैं इसलिए प्याज को जेब में रखने के बजाय सलाद के रूप में खाना लू से बचने का असली और वैज्ञानिक तरीका है.
आयुर्वेद और मॉडर्न न्यूट्रिशन दोनों ही मानते हैं कि प्याज गर्मी में वरदान की तरह काम करता है लेकिन आपको इसके लिए प्याज खाना होगा, न कि पास रखना होगा.
अगर आप प्याज को जेब में रखने के बजाय उसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं तो मेडिकल साइंस के मुताबिक, आपके शरीर को गर्मी से लड़ने में मदद मिल सकती है. प्याज में मौजूद क्वार्सेटिन कंपाउंड एंटी-ऑक्सीडेंट का काम करता है और गर्मी से होने वाली जलन को कम करता है. इसके अलावा प्याज नेचुरल कूलेंट की तरह काम करता है क्योंकि इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है. कच्चा प्याज खाने से शरीर का आंतरिक तापमान नियंत्रित रहता है और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है.
डॉक्टर्स का कहना है कि प्याज को जेब में रखने के साथ इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं. जैसे
आप लू से बचने के लिए प्याज को आधार बनाकर घर से न निकलें. हमेशा डॉक्टर और सरकारी गाइडलाइंस में लू से बचने के जो तरीके सुझाए जाते हैं, उन्हें फॉलो करें और पानी पीते रहें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क