How to Clean heavy Saree at Home: हर कपड़े को धोने का तरीका अलग होता है, हल्के कपड़ों को तो हम आसानी से घर पर ही धो लेते हैं, मगर शादी-पार्टी में पहनकर जाने वाले कोट, शेरवानी और खास मौकों पर पहनी जाने वाली बनारसी, सिल्क, कांजीवरम जैसी महंगी और भारी कढ़ाई वाली साड़ियों को धोने में सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है. इसलिए अक्सर लोग इनको अक्सर ही ड्राईक्लीन करवाने के लिए भेजते हैं.
मगर अब एक साड़ी को ड्राईक्लीन करवाने के लिए भी 100 रुपये से ज्यादा पैसे लगते हैं और इसी कारण यह साड़ियां अक्सर अलमारी में रखी रह जाती हैं. लेकिन अगर सही तरीके पता हों, तो आप अपनी महंगी और भारी साड़ियों को घर पर ही सुरक्षित तरीके से धोकर साफ कर सकती हैं. आइए इन कुछ आसान टिप्स के बारे में जानते हैं, जिनकी मदद से आप आसानी से अपनी हैवी और कीमती साड़ियों को घर पर साफ कर पाएंगी.
हर साड़ी के साथ एक केयर इंस्ट्रक्शन टैग होता है. खासकर सिल्क, जॉर्जेट और वेलवेट की साड़ियों में मिलता ही है. इसे जरूर ध्यान से पढें और सिर्फ ड्राईक्लीन लिखा है या नहीं. अगर हल्के हाथ से धो सकते हैं, तभी आगे बढ़ें.
भारी साड़ियों को कभी भी नॉर्मल पाउडर डिटर्जेंट से नहीं धोना चाहिए, इनके लिए हमेशा बेबी शैम्पू या सिल्क-स्पेशल लिक्विड क्लीनर का इस्तेमाल करें.
सबसे पहले एक टब में ठंडा पानी लें और फिर डिटर्जेंट को पहले पानी में घोल लें, फिर साड़ी डालें. साड़ी को इस पानी में करीबन 5 से 7 मिनट तक ही भिगोए और उसके बाद बाहर निकाल लें.
भारी कढ़ाई, जरी या सीक्विन वाली साड़ियों को कभी भी मसलें नहीं और न ही उन पर ब्रश लगाएं. इन साड़ियोंं को पानी में हल्के हाथों से ऊपर-नीचे करें और दाग वाली जगह पर उंगलियों से हल्का प्रेशर लगाएं. इन साड़ियों पर ज्यादा प्रेशर देने से यह जल्दी खराब हो जाती हैं.
अगर साड़ी पर हल्का दाग लग गया हो तो नींबू के रस की कुछ बूंदें दाग पर लगाएं. उसके बाद 2 से 3 मिनट बाद उसे ठंडे पानी से धो लें. नींबू वाला नुस्खा करते समय इस बात ध्यान रखें कि दाग पर लगाने से पहले साड़ी के किसी कोने पर टेस्ट जरूर करके देख लें.
अगर आप इसे वॉशिंग मशीन में धो रही हैं तो सबसे पहले साड़ी को उल्टा करके वॉशिंग बैग में डालें. उसके बाद आप डेलिकेट और सिल्क मोड को चुनें. इसके अलावा स्पिन ऑप्शन बंद रखें या बहुत कम पर रखें.
सिल्क या भारी साड़ियों पर सीधे आयरन न रखें,बीच में कॉटन कपड़ा रखें. दूसरा साड़ी को हमेशा ही फोल्ड करके कॉटन कवर में रखें. आखिरी हर 3 से 4 महीने में निकालकर साड़ियों को हवा जरूर लगवाएं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क