Coffee beat diabetes drug: क्या हर सुबह की आपकी कॉफी सिर्फ मूड फ्रेश करने के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकती है. हालांकि लिवर हेल्थ को लेकर इसके बारे में कई सारे एक्सपर्ट बताते हैं कि कॉफी लिवर से फैट बाहर निकालती है लेकिन हाल ही में एक नई स्टडी में पाया गया है कि नियमित रूप से कॉफी पीने से ब्लड शुगर का स्तर बेहतर बना रहता है. ये ठीक वैसे ही है, जैसे कुछ डायबिटीज की दवाएं असर करती हैं. यानी कॉफी सिर्फ कैफीन का सोर्स नहीं है, यह टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को भी कम कर सकती है और ये एक प्राकृतिक मेडिसिन की तरह काम कर सकती है.
ब्रिटेन में हुई इस रिसर्च में करीब 4 लाख लोगों के खान-पान और आदतों का एनालिसिस किया गया था. रिसर्चर्स ने पाया कि जो लोग दिन में 2 से 3 कप कॉफी पीते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम 10 से 15 प्रतिशत तक कम पाया गया था. लेकिन ध्यान रखें ये बात ब्लैक या कम शुगर कॉफी के बारे में की गई है, न कि क्रीम और चीनी से भरी हुई इंस्टेंट कॉफी की.
ब्रेबरेज प्लांट रिसर्च जर्नल में पब्लिश स्टडी में चीन के Kunming Institute of Botany के साइंटिस्ट्स ने कॉफी बीन्स में छिपे नए ‘एंटी-डायबिटिक’ कंपाउंड्स की पहचान की. उन्होंने रोस्टेड कॉफी से निकाले गए कुछ खास कंपाउंड्स की जांच की जो ये कंपाउंड खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलकर ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाने में अहम रोल निभाने वाले α-glucosidase एंजाइम को रोकते हैं.
रिसर्च के मुताबिक, कॉफी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स, मैग्नीशियम, और अन्य प्लांट कंपाउंड्स इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर करते हैं. इसका मतलब है कि शरीर ग्लूकोज का इस्तेमाल अच्छी तरह से कर लेता है जिससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता.
रिसर्च टीम का कहना है कि कॉफी शरीर में मौजूद सूजन को घटाने में मदद कर सकती है जो डायबिटीज का एक बड़ा कारण बनती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रल करते हैं जिससे ब्लड वेसल्स हेल्दी रहती हैं और शुगर का मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से हो पाता है. यही कारण है कि कॉफी पीने वालों में ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव अन्य लोगों की अपेक्षा कम पाया गया था.
स्टडी के बाद रिसर्चर्स का कहना है कि कॉफी का सीधा असर शरीर में कैफीन की मात्रा और इंसान की लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है. अगर आपकी डाइट बैलेंस नहीं है या फिर आपकी नींद सही नहीं है तो आपको इसके फायदे नहीं मिलेंगे.
रिसर्चर्स का कहना है कि कॉफी कोई 'मेडिकल ट्रीटमेंट' नहीं है लेकिन यह ब्लड शुगर को स्थिर रखने में एक सपोर्टिव रोल जरूर निभा सकती है. जिन लोगों को पहले से डायबिटीज है वे डॉक्टर की सलाह से इसे अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं.
जर्नल क्लिनिकल न्यूट्रिशन में पब्लिश रिपोर्ट बताती है कि कॉफी का असर कुछ एंटीडायबिटिक दवाओं जैसा तो दिखा लेकिन उसकी इंटेंसिटी कम थी. यानी कॉफी ब्लड शुगर कम करने में मदद तो कर सकती है लेकिन बीमारी का इलाज नहीं कर सकती.
GoodRx और WebMD जैसे हेल्थ प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, टाइप-2 डायबिटीज़ के मरीजों में कैफीन कभी-कभी ब्लड शुगर बढ़ा भी सकता है इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कॉफी की मात्रा अचानक बढ़ाना ठीक नहीं है.
स्टडी में यह भी सामने आया है कि जिन लोगों ने दूध, क्रीम और ज्यादा चीनी वाली कॉफी पी थी उनके ब्लड शुगर लेवल में सुधार की बजाय गिरावट देखी गई. एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि हाई-कैलोरी कॉफी ड्रिंक्स शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ाकर फायदा उलटा कर सकते हैं. यानी अगर कॉफी से सेहत का फायदा लेना है, तो ब्लैक कॉफी या शुगर-फ्री वेरिएंट सबसे बेहतरीन विकल्प हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क