लोगों का वजन जब 90-100 किलो हो जाए तभी उनके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है. कहा जाता है मोटापा अपने आप में एक बहुत बड़ी बीमारी है, जो शरीर को अन्य बीमारियों का घर भी बनाती है. लेकिन सोचिए अगर किसी का वजन 350 किलो हो तो उसके लिए कुछ भी करना कितना मुश्किल रहता होगा? पढ़कर भी डर लगता है ना....लेकिन ऐसी एक महिला जिन्होंने अपना 350 किलो वजन कम करने की बहुत कोशिश की और लगभग अपना 199 किलो वजन कम कर भी लिया, लेकिन फिर भी जिंदगी की जंग हार गईं. ये महिला थीं चैरिटी पियर्स.
कभी करीब 350 किलो वजन के साथ बिस्तर से उठना तक उनके लिए मुश्किल था, लेकिन हालात के आगे झुकने के बजाय जिंदगी की जिद ने उन्हें लड़ना सिखाया. टीएलसी के मशहूर शो My 600-Lb Life से दुनियाभर में पहचान बनाने वाली चैरिटी पियर्स ने सैकड़ों किलो वजन घटाकर लाखों लोगों को उम्मीद दी. उनका सफर आसान नहीं था. उन्होंने वजन घटाने के लिए सर्जरी से लेकर स्ट्रिक्ट डाइटिंग तक की और मानसिक संघर्ष से गुजरते हुए उन्होंने खुद को बदलने की पूरी कोशिश की. मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. 50 साल की उम्र में चैरिटी का निधन हो गया, जिसने उनके चाहने वालों को गहरा झटका दिया.
50 साल की उम्र में थम गया संघर्षों से भरा सफर
चैरिटी पियर्स का निधन 27 जनवरी 2026 को हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपने परिवार और करीबी लोगों के बीच आखिरी सांस ली. निधन की खबर सामने आते ही My 600-Lb Life के फैंस और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई. सोशल मीडिया पर लोग उनकी हिम्मत, संघर्ष और अधूरी रह गई लड़ाई को याद करते नजर आए.
शो में एंट्री के वक्त 350 किलो था वजन, हालत बेहद गंभीर
चैरिटी पियर्स ने साल 2015 में My 600-Lb Life के सीजन 3 में हिस्सा लिया था, तब उनका वजन करीब 352 किलो (778 पाउंड) था. हालत इतने खराब थे कि वह चल नहीं सकती थीं, नहा नहीं सकती थीं और टॉयलेट तक जाने के लिए भी उन्हें मदद चाहिए होती थी. वह पूरी तरह अपनी बेटी और मंगेतर पर निर्भर थीं. इस वजह से वह अंदर ही अंदर शर्मिंदगी महसूस करती थीं, जो उनके आत्मविश्वास को तोड़ रहा था. लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर चैरिटी का वजन इतना कैसे बढ़ा?
बचपन का डर और दर्द बना खाने की लत की वजह
चैरिटी ने शो में अपने बढ़े वजन के बारे में बात करते हुए बताया था कि उनका बचपन बेहद दर्दनाक रहा था. उनके पिता बहुत ज्यादा शराब पिया करते थे और अक्सर मारपीट करते थे. उस डर और अकेलेपन में उन्होंने खाने को अपना सहारा बना लिया था. वह रात के समय किचन में जाकर खाती थीं, क्योंकि ऐसा करने से उन्हें सुरक्षित महसूस होता था. धीरे-धीरे यही आदत फूड एडिक्शन में बदल गई और उनका वजन बेकाबू होता चला गया.
350 किलो वजन देख डॉ. नाउ ने तुरंत कराया भर्ती
जब चैरिटी पहली बार मशहूर सर्जन डॉ. यूनान नोजराडन (डॉ. नाउ) के पास पहुंचीं अपने बढ़े वजन की समस्या लेकर पहुंचीं, तो उन्हें स्ट्रेचर पर लाया गया था. वजन देखकर डॉ. नाउ भी हैरान-परेशान हो गए थे, क्योंकि चैरिटी की स्थिति जानलेवा थी. उन्होंने बिना देर किए चैरिटी को हॉस्पिटल में एडमिट कराया और स्ट्रिक्ट मेडिकल देखरेख में रखा. चैरिटी को उनका वजन कम करने के लिए हॉस्पिटल में 1000 कैलोरी की डाइट पर रखा गया. इस डाइट को फॉलो करते हुए चैरिटी ने अस्पताल में ही करीब 18 किलो (40 पाउंड) वजन कम किया.
हुई गैस्ट्रिक बायपास सर्जरी
डॉक्टर्स की निगरानी में रहने और कई उतार-चढ़ाव झेलने के बाद चैरिटी को गैस्ट्रिक बायपास सर्जरी की मंजूरी मिली, जो उनके लिए किसी गिफ्ट से कम नहीं थी. सर्जरी सफल रही और उनका वजन तेजी से घटने लगा. लेकिन इसी दौरान उनकी मां का निधन हो गया. इस सदमे ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया और वह कुछ समय के लिए फिर से भावनात्मक रूप से कमजोर पड़ गईं. अपनी कमजोरी से पार पाने के लिए उन्होंने फिर से खाने का सहारा लिया.
स्किन रिमूवल सर्जरी ने चैरिटी को दी नई उम्मीद
मां की मौत के दर्द को भुलाने की वजह से चैरिटी को दोबारा खाने की जो आदत पड़ थी उससे उबरने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने खुद को संभाला और दोबारा मेहनत शुरू की. डाइट और एक्सरसाइज के दम पर उन्होंने वजन घटाया और उनका वजन महज 270 किलो (597 पाउंड) रह गया और स्किन रिमूवल सर्जरी के लिए क्वालिफाई किया. सर्जरी के दौरान उनके पैरों से भारी मास हटाए गए, जिसके बाद उनका वजन करीब 225 किलो (496 पाउंड) रह गया. इस बदलाव ने उन्हें थोड़ी आजादी और नई उम्मीद दी.
199 किलो वजन घटाया, फिर भी नहीं मिली पूरी राहत
चैरिटी ने कुल मिलाकर 199 किलो (440 पाउंड) से ज्यादा वजन कम किया, जो अपने आप में एक बड़ी जीत थी. लेकिन इसके बावजूद उनकी सेहत पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई. उन्हें लिम्फेडेमा, सांस की दिक्कत और फेफड़ों में फ्लूइड जैसी गंभीर बीमारियां थीं. बार-बार हॉस्पिटल जाना उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया.
आखिरी समय में हॉस्पिटल केयर में रहीं चैरिटी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आखिरी कुछ महीनों में चैरिटी को हॉस्पिटल केयर में रखा गया था. परिवार ने मौत की आधिकारिक वजह नहीं बताई, लेकिन साफ था कि वह लंबे समय से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं. 50 साल की उम्र में उनकी जिंदगी की जंग यहीं थम गई.
कैंसर से भी लड़ीं, लेकिन हार नहीं मानी
साल 2020 में चैरिटी ने खुलासा किया था कि उन्हें किडनी कैंसर हुआ था, जिसके बाद उनकी एक किडनी निकालनी पड़ी थी. यह दौर उनके लिए मानसिक रूप से बहुत मुश्किल रहा था, क्योंकि उनकी मां की मौत भी कैंसर से हुई थी. इसके बावजूद चैरिटी ने खुद को संभाले रखा और लड़ती रहीं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क