Health Tips For 35 Plus: 35 के बाद थम जाएगी बढ़ती उम्र! अगर अपना लिए एक्सपर्ट के बताए ये 4 टिप्स
Anti-Aging Tips After 35: उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रोसेस है जिसे कोई भी पूरी तरह रोक नहीं सकता. लेकिन अगर वक्त रहते कुछ आदतों पर ध्यान दिया जाए तो उम्र बढ़ने की रफ्तार को स्लो जरूर किया जा सकता है. आज हम आपको हेल्थ एक्सपर्ट के बताए कुछ आसन टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें 35 की उम्र पार कर चुके हर इंसान को अपनाना चाहिए.
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35 की उम्र के बाद करें ये ये 4 काम, बीमारियों से रहेंगे दूर (Photo- pixabay)
35 की उम्र के बाद शरीर में धीरे-धीरे कुछ बदलाव होने लगते हैं. भले ही उम्र बढ़ना तय है लेकिन हम कैसे बूढ़े होंगे, यह काफी हद तक हमारी आदतों पर डिपेंड करता है. सही समय पर आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके आप खुद को लंबे समय तक फिट और एक्टिव रख सकते हैं.
इसी को ध्यान में रखते हुए यूके के नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के डॉक्टर आमिर खान ने 35 साल से ऊपर के लोगों के लिए कुछ आसान और साइंटिफिक तरीके बताए हैं जो न सिर्फ बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत और जवान बनाए रखने में भी मदद करते हैं.
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1. सुबह की धूप से बॉडी क्लॉक को करें सही
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है बॉडी क्लॉक थोड़ी कमजोर हो जाती है. ऐसे में सुबह सिर्फ 5 मिनट बाहर की धूप जब आंखों तक पहुंचती है तो दिमाग को सिग्नल मिलता है कि शरीर की टाइमिंग रीसेट हो जाए. इससे दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहती है, रात को नींद अच्छी आती है और भूख से जुड़े हार्मोन भी बैलेंस रहते हैं.
2. रेगुलर ब्लड प्रेशर चेक करें
ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि ये बिना लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ता है. उम्र के साथ नसें अपनी फ्लेक्सिब्लिटी खोने लगती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. ऐसे में 35 के बाद हर किसी को महीने में एक बार घर ब्लड प्रेशर जरूर चेक करना चाहिए.
अगर घर पर रीडिंग 135/85 से ज्यादा आए तो एक हफ्ते तक रोज रीडिंग लें और उसका एवरेज निकालें. अगर एवरेज ज्यादा है तो डॉक्टर से सलाह लें. एक बार की रीडिंग से ज्यादा अहम उसका एवरेज होता है, क्योंकि वही दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को दिखाता है. समय रहते पता चल जाए तो बड़ा नुकसान टाला जा सकता है.
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3. मसल्स और हड्डियों को मजबूत बनाएं
35 की उम्र के बाद मसल्स और हड्डियों की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसे रोकने के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वेट एक्सरसाइज जरूर करें. जब हम वेट उठाते हैं या हल्की हाई-इम्पैक्ट एक्सरसाइज करते हैं तो शरीर को संकेत मिलता है कि मसल्स और हड्डियों को फिर से मजबूत बनाना है. इससे मेटाबॉलिज्म सही रहता है, जोड़ों को सपोर्ट मिलता है, ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है और भविष्य में फ्रैक्चर का खतरा कम होता है.
4. बैलेंस टेस्ट
बॉडी का बैलेंस सही होना बहुत जरूरी है. इसमें दिमाग का एक हिस्सा, कान के अंदर का बैलेंस सिस्टम और मसल्स के छोटे-छोटे सेंसर काम करते हैं. 30 की उम्र के बाद ये सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं. इसके लिए आप दांत ब्रश करते हुए एक पैर पर खड़े हो सकते हैं. ऐसा रोज करने से दिमाग और शरीर का तालमेल बेहतर होता है, कोर मसल्स मजबूत होते हैं और आगे चलकर गिरने या चोट लगने का खतरा काफी कम हो जाता है.
ये भी करें: इसके अलावा खुद को लंबे समय तक हेल्दी और फिट रहने के लिए खान-पान का ध्यान रखें, फिजिकल एक्टिविटी करें, स्ट्रेस से दूर रहें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क