How To Make Dhaba Style Dal: क्या आपकी बनाई दाल में नहीं आता ढाबे जैसा स्वाद? सुधार लें ये 7 गलतियां, उंगलियां चाटते रह जाएंगे घरवाले!

How To Make Dhaba Style Dal: दाल का स्वाद और टेक्शचर खराब होने की वजह कुकिंग के दौरान होने वाली छोटी-छोटी गलतियां होती हैं. अगर आपके घर में बनने वाली दाल में भी ढाबे जैसा स्वाद नहीं आता है, तो आप उसे पकाते वक्त गलतियां तक कर रहे होंगे. आज हम आपको उन्हीं गलतियों के बारे में बताएंगे.

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अगर आप चाहते हैं कि हर बार घर पर दाल ढाबे जैसी स्वादिष्ट बने तो उसे भिगोना जरूरी है. (Photo: ITG) अगर आप चाहते हैं कि हर बार घर पर दाल ढाबे जैसी स्वादिष्ट बने तो उसे भिगोना जरूरी है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

How To Make Dhaba Style Dal: भारतीय घरों में आप चाहे कितनी भी अलग-अलग और रॉयल चीजें क्यों न रख दें, लेकिन जब तक उसमें एक कटोरी तड़के वाली दाल न हो, तब तक लगता ही नहीं है कि खाना खाया है. चावल के साथ घी वाली दाल हो या रोटी के साथ गाढ़ी दाल मखनी, दाल सभी को सुकून देती है. आपके घर में दाल कितने भी मन से और अच्छे से क्यों न बना ली जाए लेकिन अक्सर खाने वालों की शिकायत रहती है कि उसमें ढाबे जैसा स्वाद नहीं आता है. कभी दाल ठीक से गलती नहीं, तो कभी पानी और दाल अलग-अलग नजर आते हैं.

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अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो समझ लीजिए कि आप दाल पकाते समय कुछ गलतियां कर रहे हैं. ये गलतियां बेशक छोटी हों, लेकिन उसका पूरा स्वाद ही बदल देती हैं. अक्सर घरों में दाल को सिर्फ उबालना और छौंकना ही काफी समझा जाता हैं, लेकिन परफेक्ट टेक्शचर और स्वाद के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. आज हम आपको वो 7 गलतियां बताने वाले हैं, जिन्हें सुधार कर आप अपनी साधारण सी दाल को भी बेहद लाजवाब, खुशबूदार और ढाबा स्टाइल बना सकते हैं. 

1. दाल को बिना भिगोए पकाना: अगर आप दाल को सीधा डिब्बे से निकालकर कुकर में चढ़ा देते हैं, तो आप उसका स्वाद पूरी तरह से बिगाड़ सकते हैं. दाल को पकाने से पहले भिगोना बहुत जरूरी होता है. इससे दाल जल्दी और अच्छे से पकती है और दाने भी अच्छे से फूलते हैं. बता दें, मसूर और मूंग दाल को 30 मिनट से 1 घंटे तक भिगोना चाहिए, जबकि अरहर और उड़द दाल को करीब 2 घंटे का समय देना बेहतर होता है. चना दाल को 2 घंटे या फिर रातभर भिगोकर रखें, ताकि उसका टेक्शचर परफेक्ट रहे.

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2. नल के पानी का इस्तेमाल करना: सीधे नल के पानी से दाल बनाने पर उसके स्वाद पर असर हो सकता है, खासकर अगर पानी में ज्यादा मिनरल्स हों. इसलिए कोशिश करें कि दाल पकाने के लिए फिल्टर या साफ पानी का इस्तेमाल करें. 

3. मसालों और खुशबूदार चीजें डालना न भूलें: दाल में लहसुन, प्याज, अदरक और टमाटर जैसी चीजें डालना बहुत जरूरी है. ये चीजें दाल को स्वाद और बढ़िया खुशबू देती हैं. अगर आप इन्हें छोड़ देते हैं, तो दाल का स्वाद फीका लग सकता है. इसलिए इन मसालों को हमेशा शामिल करें.

4. दाल को ज्यादा या कम पकाना: दाल को सही समय तक पकाना भी बहुत जरूरी होता है. ज्यादा पकाने पर दाल पूरी तरह गलकर चिपचिपी हो जाती है, जबकि कम पकने पर दाने सख्त रह जाते हैं. सही टेक्शचर के लिए दाल को इतना पकाएं कि वो सॉफ्ट हो जाए, लेकिन हल्की दानेदार भी महसूस हो.

5. शुरुआत में ही नमक डाल देना: अक्सर लोग दाल बनाते समय शुरुआत में ही नमक डाल देते हैं, जिससे दाल के दाने सख्त रह सकते हैं और ठीक से पकते नहीं हैं. बेहतर तरीका ये है कि दाल पूरी तरह पकने के बाद ही नमक डालें. इससे दाल का टेक्शचर और स्वाद दोनों बेहतर रहते हैं.

6. तड़का न लगाना: कुछ लोग दाल में तड़का नहीं लगाते हैं, जबकि वो दाल का सबसे जरूरी हिस्सा होता है. जीरा, राई और लहसुन को गरम तेल या घी में भूनकर दाल में डालने से उसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है.  

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7. दाल को तुरंत सर्व कर देना: दाल तैयार होने के बाद उसे तुरंत परोसने की बजाय कुछ मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे दाल के फ्लेवर आपस में अच्छे से मिल जाते हैं और उसकी कंसिस्टेंसी भी थोड़ी गाढ़ी हो जाती है. थोड़ी देर रेस्ट करने से दाल का स्वाद और भी बढ़ जाता है.

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