Healthy Chole Bhature Recipe: छोले-भटूरे का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन अक्सर लोग इसे अनहेल्दी समझकर खाने से बचते हैं. दरअसल भटूरा मैदे से बनाया जाता है और इसे तेल में डीप फ्राई किया जाता है, इसलिए इसे अनहेल्दी माना जाता है. वहीं छोले भी अक्सर ज्यादा तेल और मसालों के साथ बनाए जाते हैं, जिससे यह डिश सेहत के लिए हेल्दी नहीं रहती.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोले और भटूरे दोनों को ही हेल्दी तरीके से बनाया जा सकता है? जी हां, ऐसा हम नहीं, बल्कि दिल्ली के बिरला हॉस्पिटल की क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट दीपाली शर्मा ने 'द लल्लनटॉप' से बातचीत में कहा है. आइए जानते हैं छोले-भटूरे को हेल्दी तरीके कैसे बना सकते हैं.
छोले को हेल्दी कैसे बनाएं
न्यूट्रिशनिस्ट दीपाली का कहना है कि छोले को हेल्दी बनाने के लिए उसमें कम तेल का इस्तेमाल करना चाहिए. रिफाइंड ऑयल की जगह सरसों के तेल में छोले बनाना बेहतर होता है, वह भी एक-दो चम्मच से ज्यादा तेल नहीं डालना चाहिए. मसालों को तेल में ज्यादा भूनने की बजाय टमाटर की प्यूरी या थोड़े से पानी के साथ पकाना चाहिए. चाहें तो छोले बनाने के लिए नॉन-स्टिक कढ़ाई का इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे ग्रेवी कढ़ाई में चिपकेगी नहीं.
छोले में कभी भी बटर या क्रीम नहीं डालनी चाहिए. इससे छोले भले ही गाढ़े हो जाते हैं, लेकिन उनमें फैट और कैलोरी बढ़ जाती हैं. अगर छोले में गाढ़ापन लाना है तो कद्दूकस की हुई गाजर, बेसन का घोल या मैश किए हुए छोले डाल सकते हैं. छोले बनाने से पहले उन्हें 8 से 10 घंटे तक भिगोकर रखें. इससे छोले को पचाना आसान हो जाता है और गैस या ब्लोटिंग की समस्या भी कम होती है.
जब भी छोले खाएं, साथ में सलाद जरूर लें. सलाद में खीरा, टमाटर, गाजर, मूली और प्याज शामिल कर सकते हैं और ऊपर से थोड़ा नींबू निचोड़ लें. सलाद में फाइबर होता है, जो भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है. सबसे जरूरी है मात्रा का ध्यान रखना. छोले को हेल्दी तरीके से बनाने का मतलब यह नहीं है कि आप उन्हें ज्यादा मात्रा में खाएं. एक से डेढ़ कटोरी से ज्यादा छोले नहीं खाने चाहिए, क्योंकि पोर्शन कंट्रोल करना बहुत जरूरी है.
भटूरा हेल्दी कैसे बन सकता है?
भटूरे को मैदे की जगह गेहूं के आटे से भी बनाया जा सकता है. चाहें तो 50% मैदा और 50% गेहूं का आटा मिलाकर भी भटूरे बना सकते हैं. इससे भटूरे में फाइबर बढ़ेगा और डाइजेशन बेहतर होगा. आप मिलेट भटूरा या मल्टीग्रेन भटूरा भी ट्राई कर सकते हैं. इसके अलावा भटूरे की जगह कुलचा या तवा भटूरा भी खाया जा सकता है.
जब भी भटूरे तलें, इस बात का ध्यान रखें कि तेल अच्छी तरह गर्म हो. अगर तेल कम गर्म होगा तो भटूरे ज्यादा तेल सोख लेते हैं और ज्यादा ऑयली हो जाते हैं. तलने के बाद भटूरो को पेपर नैपकिन पर रखें, ताकि एक्स्ट्रा तेल निकल जाए. अगर घर में ओवन या एयर फ्रायर है तो भटूरे को डीप फ्राई करने की बजाय बेक या एयर फ्राई करना बेहतर ऑप्शन है. इससे तेल का इस्तेमाल बहुत कम होगा. कुल मिलाकर भटूरा कितना हेल्दी होगा, यह पूरी तरह उसे बनाने के तरीके पर डिपेंड करता है.
डिस्क्लेमर: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेना न भूलें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क