Dal vs Chana: दाल या चना किसमें होता है ज्यादा प्रोटीन? वजन घटाने और मसल्स बनाने के लिए क्या खाएं

Dal vs Chickpeas/Chana: शरीर को मजबूत बनाए रखने और मसल्स बनाने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी है. प्रोटीन हमें खाने-पीने की चीजों से आसानी से मिल जाता है. वेजिटेरियन डाइट में दाल और चना दोनों को प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स माना जाता है. इन्हें डेली डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है.

Advertisement
दाल या चना में प्रोटीन के लिए बेस्ट क्या है (Photo- Pixabay) दाल या चना में प्रोटीन के लिए बेस्ट क्या है (Photo- Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है. वजन कंट्रोल करने, ब्लड शुगर बैलेंस रखने, इम्युनिटी बढ़ाने और मसल्स की रिकवरी के लिए हर किसी को प्रोटीन की जरूरत होती है. भारतीय खाने में दाल और चना दो ऐसे वेजिटेरियन प्रोटीन सोर्स हैं जिन पर लोग सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि दाल ज्यादा फायदेमंद है या चना. आज हम इस खबर में जानेंगे कि दोनों में से प्रोटीन का बेहतर सोर्स कौन है और क्यों.

Advertisement

प्रोटीन की मात्रा
100 ग्राम कच्ची दाल में लगभग 22–25 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जबकि 100 ग्राम कच्चे चने में लगभग 19–21 ग्राम प्रोटीन होता है. हालांकि, पकाने के बाद इनमें पाए जाने वाले प्रोटीन की मात्रा कम हो जाती है. पकी हुई दाल में 100 ग्राम में लगभग 8–9 ग्राम प्रोटीन होता है और पके हुए चने में 100 ग्राम में लगभग 8–9 ग्राम प्रोटीन होता है. यानी पकी हुई दाल और चना में प्रोटीन लगभग बराबर ही होती है.

डाइजेशन और गट हेल्थ
दाल आमतौर पर आसानी से पच जाती है. इसलिए यह बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर डाइजेशन वालों के लिए बेहतर है. दूसरी और चने में फाइबर और रेसिस्टेंट स्टार्च ज्यादा होता है जो गट हेल्थ के लिए फायदेमंद है. हालांकि ज्यादा मात्रा में चना खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है. ऐसे में कमजोर डाइजेशन वालों के लिए दाल चने से ज्यादा बेहतर होती है.

Advertisement

वजन घटाने में कौन ज्यादा मददगार है
चने में फाइबर और हेल्दी कार्ब्स ज्यादा होते हैं जिससे पेट देर तक भरा रहता है और भूख कंट्रोल होती है. वहीं दाल हल्की होती है और कम कैलोरी वाली डाइट में अच्छी तरह फिट हो जाती है. पेट लंबे समय तक भरा रखने के लिए चना वहीं, लो-कैलोरी खाने के लिए दाल सही है.

अमीनो एसिड की क्वालिटी
दाल में लाइसिन नाम का जरूरी अमीनो एसिड अच्छी मात्रा में होता है जो शरीर की मरम्मत और इम्यूनिटी के लिए जरूरी है. वहीं चने का अमीनो एसिड प्रोफाइल थोड़ा ज्यादा बैलेंस्ड होता है, खासकर जब इसे चावल या रोटी जैसे अनाज के साथ खाया जाए. मतलब अमीनो एसिड बैलेंस के मामले में चना थोड़ा बेहतर है दाल से.

फिर प्रोटीन के मामले में क्या बेहतर है?
दाल और चना, दोनों के अपने-अपने फायदे हैं. दाल में प्रोटीन थोड़ा ज्यादा होता है और यह जल्दी पच जाती है, जबकि चना लंबे समय तक पेट भरा रखता है और अमीनो एसिड का बैलेंस बेहतर करता है. अगर आपको हल्का और आसानी से पचने वाला प्रोटीन चाहिए तो दाल बेहतर है. वहीं, अगर आपको देर तक एनर्जी चाहिए और पेट लंबे समय तक भरा रखना है तो चना बेहतर है. बेहतर होगा कि आप दोनों को ही अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement