Daily ghee consumption limit: भारतीय खाने को घी और तेल के बिना अधूरा माना जाता है, यह दोनों ही इंडियन फूड के सबसे जरूरी अंग माना जाता है. भारतीय रसोई में घी और तेल दोनों ऐसी चीजे हैं, जो तीनों समय के खाने में इस्तेमाल होती हैं. खाना बनाने के लिए तेल का इस्तेमाल तो हर घर में ही होता है, घी को भी रोटी, सब्जी और दाल सभी चीजों में मिलाया जाता है. बाजार वाले घी को तो लोग एक बार के लिए नुकसानदायक मान लेते हैं, लेकिन घर के बने देसी घी को लोग काफी हेल्दी मानते हैं और उसका खाने में भरपूर इस्तेमाल करते हैं.
इस बारे में गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ प्रवीण चंद्रा ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि भारतीयों को देसी घी और तेल किस मात्रा में खाना चाहिए और क्या यह उनकी हार्ट हेल्थ के लिए सही है.
इस दौरान उन्होंने घी और तेल की मात्रा के बारे में बात की. डॉ. चंद्रा ने बताया कि भारतीयों का ट्रेडिशनल ईटिंग का जो मेथड था और खाना बनाने-पकाने का कल्चर था, उसमें यह तय था कि जिस दिन आप तला-भुना खा रहे हैं या कोई स्पेशल चीज खा रहे हैं. तो इसका मतलब है कि किसी का बर्थडे है या कोई शादी या कोई फंक्शन चल रहा है. पहले फ्राई चीजें साल में 5 से 6 बार किसी स्पेशल दिन पर ही खाई जाती हैं, बाकि दिन लोग सात्विक यानी कच्चा खाना खाते थे.
डॉ. चंद्रा ने बताया कि पहले खाने की थाली की सबसे महंगी चीज तेल या देसी घी होते थे और सबसे सस्ती चीज मोटे अनाज, सब्जी वगैरा होते थे. इसलिए उस समय कहा भी जाता था कि जो गरीब लोग उनको दिल की बीमारी नहीं होगी, हार्ट डिजीज जो होती थी, वो पहले सेठजी को ही होती थी. लेकिन आज के समय में तेल सबसे सस्ता हो गया है और इसलिए अब हार्ट डिजीज सबको होता है.
जहां पहले देसी घी एक चम्मच डालो, पूरा महीना चलाना है. कहा जाता था, लेकिन अब तो सबकुछ आसानी से और कम दाम में मिलने लगा है, जिसकी वजह भारतीय थाली का संतुलन बिगड़ गया है. वैसे भी भारतीय लोगों के जीन्स ही ऐसे होते हैं कि उनको कम खाना चाहिए. इनका बैड कोलेस्ट्रॉल पहले से ही ज्यादा होता है, जिसकी वजह से इनको हार्ट डिजीज का खतरा भी ज्यादा होता है.
डॉक्टर ने बताया कि देसी घी और वेजिटेबल ऑयल सब ठीक है, लेकिन अगर वो हाइड्रोजनीकृत नहीं है. किसी भी तेल को हाइड्रोजनीकृत करते हैं तो वो दानेदार सफेद हो जाता है, जो सेहत के लिए सही नहीं है.
डॉ प्रवीण चंद्रा के अनुसार, दिनभर में 1 से 2 चम्मच घी और तेल ले सकते हैं, जैसे आप एक चम्मच घी और एक चम्मच तेल इस्तेमाल कर सकते हैं. वनस्पति तेल हेल्थ के लिए सही माना जाता है, लेकिन सिर्फ जानवरों की चर्बी से बनने वाले तेल को खराब माना गया है. क्योंकि उसमे सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है और यह तेल खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने की क्षमता ज्यादा होती है.
हार्ट अटैक के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं, वो काफी ज्यादा चौंकाने वाले हैं. 2022 NCRB नेशनल क्राइम ब्यूरो ने भारत में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों के आंकड़े बताए थे, जिसके मुताबिक,70 प्रतिशत हार्ट अटैक से होने वाली मौतें 30 से 60 साल की उम्र के बीच होती है. 2022 में 32 हजार 457 मौतें हुई थीं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क