मैसूरु की मशहूर रम फैक्ट्री पर लगा ताला, पश्चिम एशिया के युद्ध ने बिगाड़ा खेल

पश्चिम एशिया के युद्ध की वजह से अब भारत में गैस का संकट गहराने लगा है. इसकी सीधी मार मैसूरु की मशहूर हुली क्राफ्ट रम फैक्ट्री पर पड़ी है, जिसे गैस न मिलने के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.

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गैस की कमी ने रोका प्रीमियम रम का उत्पादन (Representation Photo) गैस की कमी ने रोका प्रीमियम रम का उत्पादन (Representation Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:58 PM IST

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से अब भारत में गैस की सप्लाई पर असर पड़ने लगा है. इसकी सबसे बड़ी मार कर्नाटक के मैसूरु में पड़ी है, जहां देश की पहली प्रीमियम क्राफ्ट रम बनाने वाली फैक्ट्री को गैस न मिलने की वजह से अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है.

गैस की कमी की वजह से रुका कामकाज

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मैसूरु के पास स्थित हुली स्पिरिट्स बनाने वाली फैक्ट्री में अब कामकाज ठप होने जा रहा है. इस डिस्टिलरी के संस्थापक अरुणा उर्स ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि गैस की भारी कमी की वजह से उनके पास काम रोकने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. आपको बता दें कि यहां बनने वाली रम भारत की पहली ऐसी प्रीमियम रम है जिसे गुड़ से तैयार किया जाता है, लेकिन अब गैस न मिलने की वजह से इसका उत्पादन पूरी तरह रुक गया है.

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सरकारी और प्राइवेट सप्लायर्स ने खड़े किए हाथ

हैरानी की बात तो यह है कि दुनिया के दूसरे कोने यानी पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई का असर अब सीधे भारत पर पड़ रहा है, जिसकी वजह से यहां एलपीजी गैस की सप्लाई में बड़ी दिक्कत आ गई है. अरुणा उर्स के मुताबिक, उनकी फैक्ट्री चलाने के लिए बड़े बॉयलरों की जरूरत होती है और इन्हें चलाने के लिए गैस बहुत जरूरी है. उनका कहना है कि जब उन्होंने गैस सप्लायर्स से बात की, तो जवाब मिला कि ऊपर से आदेश है कि अभी सिर्फ घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों की ही सप्लाई की जाए. यही वजह है कि कमर्शियल यानी व्यापार के काम आने वाली गैस मिलना बंद हो गई है.

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रम के साथ-साथ होटलों पर भी पड़ा असर

इतना ही नहीं, गैस की यह किल्लत सिर्फ इस फैक्ट्री तक ही सीमित नहीं है. बाजार में व्यापारिक इस्तेमाल वाले सिलेंडरों की भारी कमी की वजह से मैसूरु के कई छोटे कारखाने, होटल और रेस्टोरेंट भी मुश्किल में आ गए हैं. देखा जाए तो कई रेस्टोरेंट्स ने तो अपने किचन बंद कर दिए हैं और कुछ जैसे-तैसे काम चला रहे हैं. कुल मिलाकर कहें तो युद्ध की वजह से मैसूरु के छोटे व्यापारियों का काम धंधा बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

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