राहुल गांधी से मिलकर क्या बातचीत हुई? कर्नाटक में अटकलों पर आया डीके शिवकुमार का बयान

राहुल गांधी के साथ सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की संक्षिप्त बातचीत ने राज्य के सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है. इस पर अब शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत की है.

Advertisement
सिद्धारमैया-शिवकुमार ने हाल ही में राहुल गांधी से मुलाकात की थी (File Photo: X/INC) सिद्धारमैया-शिवकुमार ने हाल ही में राहुल गांधी से मुलाकात की थी (File Photo: X/INC)

नागार्जुन

  • बेंगलुरु,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच जारी सत्ता के संघर्ष ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. हाल ही में राहुल गांधी के साथ दोनों नेताओं की संक्षिप्त बातचीत ने राज्य के सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है. हालांकि, डीके शिवकुमार ने इन तमाम कयासों को खारिज करते हुए कहा है कि राहुल गांधी से मिलना कोई असामान्य बात नहीं है, क्योंकि वह पार्टी के शीर्ष नेता हैं.

Advertisement

उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु स्थित अपने सदाशिवनगर आवास पर मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी से उनकी मुलाकात को अलग चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी हमारे पार्टी के शीर्ष नेता हैं. उनसे मिलना या उन्हें फोन करना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. कल जब मैं दिल्ली जाऊंगा, तो वहां भी सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करूंगा."

'मैं आपकी इच्छाएं भी उनके सामने रख दूंगा'

जब उनसे उनके समर्थकों की खुशी और नेतृत्व परिवर्तन की उम्मीदों के बारे में पूछा गया, तो शिवकुमार ने सधे हुए अंदाज में कहा, "हम अपने नेताओं के साथ क्या चर्चा करते हैं, इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. जहां तक कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं का सवाल है, तो मैं आपकी (मीडिया की) इच्छाएं भी उनके सामने रख दूंगा."

Advertisement

अपने समर्थकों की प्रतिक्रिया पर पूछे गए सवाल पर शिवकुमार ने कहा, “वह (राहुल गांधी) हमारे पार्टी नेता हैं. उनसे मुलाकात होना स्वाभाविक है. लेकिन हम अपने नेताओं से क्या बात करते हैं, यह सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जाता.” उन्होंने इस दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में मीडिया पर भी तंज कसते हुए कहा कि अगर पूछा गया तो वह मीडिया की इच्छाएं भी राहुल गांधी के सामने रख देंगे.

ट्वीट को लेकर दिया ये जवाब

शिवकुमार के एक हालिया ट्वीट ने भी काफी हलचल मचाई थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि 'प्रार्थनाएं कभी व्यर्थ नहीं जातीं, भले ही प्रयासों में देरी हो.' मीडिया में इसे मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी प्रार्थना के रूप में देखा जा रहा था. इस पर स्पष्टीकरण देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, "मेरे ट्वीट की व्याख्या गलत तरीके से की जा रही है. मैंने यह बात कावेरी आरती और मेकेदातु परियोजना के संबंध में अदालत के हमारे पक्ष में आए फैसलों के संदर्भ में कही थी. इसे राजनीति से जोड़कर देखने का कोई तुक नहीं है."

सियासी खींचतान की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी खींचतान की अटकलें लगती रही हैं. कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही सिद्धारमैया और शिवकुमार के खेमों के बीच 'ढाई-ढाई साल' के मुख्यमंत्री वाले फॉर्मूले को लेकर चर्चाएं होती रही हैं. सिद्धारमैया जहां अपनी कुर्सी पर मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, वहीं शिवकुमार को पार्टी का संकटमोचक और मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जाता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement