कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दो हाउसकीपिंग कर्मचारियों के कारनामे ने हर किसी को हैरान कर दिया. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. GST दफ्तर से जुड़े ये दोनों कर्मचारी सरकारी अधिकारी बनकर गुटखा व्यापारी से 5 लाख रुपये की उगाही कर रहे थे.
दोनों आरोपी नागराजू पी. (37) और दादापीर बल्लारी (35) आउटसोर्सिंग के जरिए जीएसटी कार्यालय में कार्यरत थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस ऑफिसर्स ने जानकारी मिलने पर ऑपिस कैंपस के भीतर उनके रहने वाले कमरों की तलाशी ली.
पुलिस को तलाशी के दौरान बल्लारी के पास से एक लाख और नागराजू के पास से 1.5 लाख रुपये कैश मिले. साथ ही उनके पास से भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग, प्रधान आयुक्त केंद्रीय कर (GST), बेंगलुरु वेस्ट कमिश्नरेट के नाम से जारी तीन फर्जी पहचान पत्र मिले. इन फर्जी आईडी कार्ड्स पर 'इंटेलिजेंस ऑफिसर' और 'सिपाही' जैसे पदनाम दर्ज थे. आरोपियों के पास से छह नकली फेक सर्च वॉरंट भी जब्त किए गए.
जांच टीम के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि 10 जनवरी को उन्होंने जीएसटी अधिकारी बनकर गुटखा कारोबारी को कार्रवाई की धमकी देकर 5 लाख वसूले थे.
पुलिस हिरासत में 6 दिन की कड़ी पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को बेंगलुरु की अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मामले की जांच जारी है.
नागार्जुन