गर्मियों में कुल्फी का नाम सुनते ही ठंडक का एहसास होने लगता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुल्फी जमाने के लिए बर्फ में नमक क्यों मिलाया जाता है? यह कोई मिलावट या परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे एक आसान वैज्ञानिक कारण छिपा है.
दरअसल, सामान्य बर्फ 0 डिग्री सेल्सियस पर होती है. इस तापमान पर वह ज्यादा ठंडक पैदा नहीं कर पाती. लेकिन जैसे ही बर्फ में नमक मिलाया जाता है, एक खास प्रक्रिया शुरू होती है जिसे विज्ञान में फ्रीजिंग पॉइंट डिप्रेशन कहा जाता है. इसका मतलब है कि नमक मिलाने से पानी के जमने का तापमान यानी फ्रीजिंग पॉइंट कम होने लगता है.
कुल्फी के बर्फ में नमक मिलाने का सीधा विज्ञान
क्योंकि, जब नमक बर्फ में मिलाया जाता है, तो बर्फ धीरे-धीरे पिघलने लगती है. इस पिघलने की प्रक्रिया में वह आसपास की चीजों की गर्मी को सोख लेती है. इस दौरान बर्फ और नमक के मिश्रण का तापमान 0°C से भी नीचे, यानी माइनस तक ठंडा हो जाता है. यह अतिरिक्त ठंडक कुल्फी के मिश्रण को तेजी से जमाने में मदद करती है. वहीं जब नमक और बर्फ आसपास की चीजों की गर्मी सोखती है तो कुल्फी का घोल तेजी से ठंडा होने लगता है.
अगर कुल्फी बनाने में सिर्फ बर्फ का इस्तेमाल किया जाए, तो कुल्फी को जमने में ज्यादा समय लगेगा और वह सही तरीके से सेट भी नहीं हो पाएगी. लेकिन नमक मिलाने से तापमान तेजी से गिरता है, जिससे कुल्फी जल्दी और अच्छी तरह जम जाती है.
इसलिए बनती है परफेक्ट कुल्फी
यही वजह है कि पारंपरिक कुल्फी वाले हमेशा बर्फ में नमक मिलाकर कुल्फी जमाते हैं. यह तरीका आज भी उतना ही असरदार है जितना पहले था. कुल्फी में नमक स्वाद या मिलावट के लिए नहीं डाला जाता, बल्कि बर्फ को और ज्यादा ठंडा बनाने के लिए मिलाया जाता है. यही छोटी-सी ट्रिक कुल्फी को परफेक्ट टेक्सचर और स्वाद देती है.
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