दक्षिण-पश्चिमी स्पेन के एक्सट्रेमादुरा इलाके की गुआडियाना घाटी में आज से करीब 2500 साल पहले एक सभ्यता गुलजार थी, जिसका नाम टार्टेसॉस था. इबेरियाई प्रायाद्वीप में फैली ये पूरी सभ्यता अचानक से गायब हो गई. रहस्यमयी तरीके से लुप्त हो चुकी इस सभ्यता के खत्म होने की वजह आजतक पता नहीं चल पाई है. आखिर यहां के लोग रातोंरात कहां चले गए.
आज तक इतिहासकार टार्टेसॉस के समृद्ध प्राचीन समाज के रहस्यमय ढंग से लुप्त होने के कारणों का पता नहीं कर पाए हैं. खुदाई से उस उन्नत, बहुसांस्कृतिक सभ्यता के बारे में वैसे तो काफी जानकारियां मिली हैं, लेकिन रातोंरात इतनी बड़ी सभ्यता कैसे गायब हो गई, इस पर से आजतक पर्दा नहीं उठ पाया है. इसका प्रभाव क्षेत्र लगभग 200–300 किमी के दायरे में फैला हुआ माना जाता है. क्योंकि, इस संस्कृति से जुड़े पुरातत्विक आर्टफैक्ट अलग-अलग जिन जगहों से मिले हैं, उससे यह अनुमान लगाया जाता है कि यह एक समृद्ध व्यापारिक शहर था.
कभी इबेरियाई प्रायद्वीप के दक्षिणी तट पर राज करने वाले टार्टेसॉस के समुद्री व्यापारियों के समूह का फोनीशियनों से घनिष्ठ संबंध माना जाता था, जो ईसा पूर्व 10वीं शताब्दी में पहली बार इबेरियाई प्रायद्वीप में आए थे. वे मूल रूप से आधुनिक लेबनान, सीरिया और उत्तरी इज़राइल से आए थे और भूमध्य सागर में कुशल नाविकों और विशेषज्ञ व्यापारियों के रूप में जाने जाते थे.
टार्टेसॉस को फोनीशियन संस्कृति और इबेरियन प्रायद्वीप में रहने वाले स्वदेशी लोगों की संस्कृति के मेल से विकसित हुआ माना जाता है. कुछ विद्वानों का अब भी मानना है कि टार्टेसॉस का निर्माण फोनीशियन प्रभावों से भी पहले हुआ था.
टार्टेसोस शहर को लेकर कहानियां
ईसा पूर्व पांचवीं शताब्दी के यूनानी इतिहासकार हेरोडोटस ने हरक्यूलिस के स्तंभों (आधुनिक जिब्राल्टर जलडमरूमध्य) के पार एक बंदरगाह शहर का वर्णन किया था, जिससे कुछ शोधकर्ताओं ने टार्टेसॉस माना है.
टार्टेसॉस की कहानियां ईसा पूर्व सातवीं शताब्दी के मध्य तक फैली हुई हैं. नेशनल ज्योग्राफिक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोलियस नामक एक यूनानी व्यापारी अपने गृह द्वीप सामोस से, जो वर्तमान तुर्की के तट पर स्थित है, रवाना हुआ. वह मिस्र जा रहा था, लेकिन यात्रा के दौरान कोलियस का जहाज पूर्व से आने वाली तेज हवाओं की चपेट में आ गया, जिसने उसे पश्चिम की ओर धकेलते हुए भूमध्य सागर को पार करते हुए, हरक्यूलिस के स्तंभों से आगे जिब्राल्टर स्ट्रेट जा पहुंचा.
कोलियस और उसके साथी नाविक टार्टेसॉस पहुंचे, जो ग्रीस के व्यापारियों के लिए पहले एक अज्ञात "व्यापारिक केंद्र" था. कोलियस ने टार्टेसॉसवासियों के साथ व्यापार शुरू किया और भारी मुनाफा कमाया. कोलियस वहां से एक टन चांदी लेकर आया था. कोलियस की कहानी पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में लिखे गए यूनानी इतिहासकार हेरोडोटस के 'हिस्ट्रीज' में मिलती है.
इसके अलावा भी अन्य ग्रंथों में दक्षिणी इबेरियन प्रायद्वीप में काडिज की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में स्थित टार्टेसॉस नामक एक शहर का उल्लेख मिलता है. इन उल्लेखों के आधार पर, इतिहासकार और पुरातत्वविद किंवदंतियों से घिरी इस रहस्यमय सभ्यता की एक स्पष्ट तस्वीर बनाने का प्रयास कर रहे हैं.
टार्टेसोस कैसे अस्तितव में आया होगा
टार्टेसॉस की स्थापना कब हुई, यह सबसे विवादास्पद मुद्दों में से एक रहा है. 20वीं शताब्दी के अंत तक, अधिकांश विशेषज्ञों का मानना था कि टार्टेसॉस का उदय कांस्य युग में हुआ था. ऐसा माना जाता था कि यह संस्कृति दक्षिण-पश्चिमी इबेरियन प्रायद्वीप में, हुएल्वा, सेविले और कैडिज़ की बस्तियों के बीच एक बड़े क्षेत्र में फैली हुई थी - जो टार्टेसॉस का केंद्र था. यदि ऐसा है, तो टार्टेसॉस ईसा पूर्व 10वीं और 9वीं शताब्दी में स्थापित पहली फोनीशियन बस्तियों से भी पहले अस्तित्व में रहा होगा.
संभवतः यहां कृषि और खनन से प्राप्त कच्चे माल के निर्यात पर आधारित एक उभरता हुआ सामाजिक संगठन मौजूद था. पुरातत्वविदों ने इस काल के दौरान पास के हुएलवा में एक समुदाय के साक्ष्य पाए हैं. इन स्थानों से प्राप्त कलाकृतियों से पता चलता है कि यह समुदाय अटलांटिक महासागर के देशों के साथ व्यापार करने में कुशल था. हुएलवा से प्राप्त तांबे की वस्तुएं फ्रांस और ब्रिटिश द्वीपों तक पाई गई हैं. उनके सुदृढ़ व्यापारिक संबंधों ने उन्हें क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में मौजूद चांदी की खानों, जैसे कि आधुनिक सेविले के उत्तर-पश्चिम में स्थित अजनाल कॉलर की खानों से लाभ कमाने में मदद की होगी.
रहस्यमयी तरीके से कैसे गायब हो गया टार्टेसस शहर
ईसा पूर्व सातवीं शताब्दी में समृद्धि के दौर के बाद, टार्टेसस का पतन होने लगा। कुछ समय पहले तक पुरातत्वविदों का मानना था कि टार्टेसस संस्कृति ईसा पूर्व छठी शताब्दी में अचानक समाप्त हो गई थी. लेकिन गुआडियाना घाटी में मिले नए निष्कर्षों से पता चलता है कि टार्टेसस के केंद्र में इस पतन के बाद, संस्कृति का प्रसार कुछ आंतरिक क्षेत्रों तक जारी रहा. टार्टेसस पर शोध जारी है और नई खोजें निश्चित रूप से इस कांस्य युग की संस्कृति के रहस्यों को उजागर करेंगी.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सेविले विश्वविद्यालय में पुरातत्व के प्रोफेसर एडुआर्डो फेरर-अलबेल्डा ने बताया कि चूंकि टार्टेसियन समाज धातुओं से समृद्ध था, इसलिए व्यापार में किसी भी तरह की मंदी से तनाव बढ़ सकता था. उन्होंने समझाया कि खनन में संकट के भी दस्तावेजी प्रमाण मिलते हैं, लेकिन हिंसा ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई होगी. फोनीशियन और स्थानीय टार्टेसियन अभिजात वर्ग के बीच का गठबंधन अचानक समाप्त हो गया होगा, जिससे टार्टेसियन क्षेत्र की आबादी के बीच फोनीशियन-विरोधी और अभिजात वर्ग-विरोधी आंदोलन की आशंका पैदा हो सकती है.
वहीं सेलेस्टिनो पेरेज ने एक और सिद्धांत के बारे में बताया है कि सबसे हालिया अनुमान यह है कि ईसा पूर्व छठी शताब्दी के मध्य में एक भूकंप आया होगा, जिसके बाद सुनामी आई होगी जिसने टार्टेसस के मुख्य बंदरगाहों को प्रभावित किया होगा, और यही टार्टेसस के तेजी से पतन का कारण रहा होगा.
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