आज के समय में घर खरीदना हर व्यक्ति का बड़ा सपना होता है. लोग अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर फ्लैट, प्लॉट या मकान खरीदते हैं. लेकिन कई बार जल्दबाजी या जानकारी की कमी की वजह से लोग ऐसे एग्रीमेंट पर साइन कर देते हैं, जिससे बाद में परेशानी खड़ी हो जाती है. खासतौर पर प्रॉपर्टी एग्रीमेंट में लिखी कुछ शर्तें ऐसी होती हैं जिन्हें बिना पढ़े साइन करना भारी पड़ सकता है.
बिना पढ़े एग्रीमेंट साइन करना पड़ सकता है भारी
पटियाला कोर्ट के वकील बताते हैं कि अक्सर देखा जाता है कि बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलर लंबा-चौड़ा एग्रीमेंट सामने रख देते हैं और लोग बिना ध्यान से पढ़े ही उस पर सिग्नेचर कर देते हैं. बाद में पता चलता है कि एग्रीमेंट में ऐसी शर्तें थीं जिनसे खरीदार को नुकसान हो सकता है. इसलिए किसी भी प्रॉपर्टी का एग्रीमेंट साइन करने से पहले हर लाइन ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी होता है. सबसे जरूरी बात यह है कि एग्रीमेंट में छिपे अतिरिक्त चार्ज और पेनाल्टी क्लॉज को जरूर समझना चाहिए.
कई बार शुरुआत में प्रॉपर्टी की कीमत कम बताई जाती है, लेकिन बाद में मेंटेनेंस चार्ज, पार्किंग फीस, क्लब फीस या दूसरे खर्च जोड़ दिए जाते हैं. ऐसे में घर की कुल कीमत काफी बढ़ जाती है. अगर एग्रीमेंट में कोई ऐसी शर्त हो जो आपको समझ न आए, तो बिना झिझक उसके बारे में पूछना चाहिए. जरूरत पड़े तो साफ मना कर देना ही बेहतर होता है.
इसके अलावा पजेशन डेट यानी घर कब मिलेगा, यह भी एग्रीमेंट में साफ लिखा होना चाहिए. कई लोग घर बुक कर लेते हैं लेकिन सालों तक पजेशन नहीं मिल पाता. इसलिए यह देखना जरूरी है कि अगर बिल्डर तय समय पर घर नहीं देता तो उसके लिए क्या नियम और पेनाल्टी तय की गई है. घर खरीदने से पहले प्रॉपर्टी के कानूनी डॉक्यूमेंट भी अच्छी तरह से चेक करने चाहिए. यह देखना जरूरी है कि जमीन का मालिक कौन है और उस पर कोई कानूनी विवाद तो नहीं चल रहा. प्रॉपर्टी पर बैंक लोन या कोई बकाया मामला भी नहीं होना चाहिए. इसके लिए जरूरत पड़े तो किसी अच्छे वकील की मदद लेना समझदारी होती है.
लोकेशन का ध्यान रखना भी जरूरी
इसके साथ ही बिल्डर की पुरानी परियोजनाओं के बारे में जानकारी जरूर लेनी चाहिए. कई बार लोग सिर्फ विज्ञापन देखकर फ्लैट खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि बिल्डर पहले भी प्रोजेक्ट देर से पूरा कर चुका है. इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बिल्डर के रिव्यू पढ़ना भी फायदेमंद हो सकता है. घर खरीदते समय लोकेशन का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है. आसपास स्कूल, अस्पताल, बाजार और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, यह जरूर देखना चाहिए. कई बार लोग सस्ता घर देखकर खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में रोजाना आने-जाने में काफी परेशानी होती है.
RERA रजिस्ट्रेशन जरूर चेक करें
अगर आप फ्लैट खरीद रहे हैं तो यह भी चेक कर लें कि बिल्डिंग को सभी सरकारी मंजूरी मिली हैं या नहीं. RERA रजिस्ट्रेशन की जानकारी जरूर चेक करनी चाहिए. इससे खरीदार को कानूनी सुरक्षा मिलती है और धोखाधड़ी की संभावना कम होती है. इसके अलावा घर की निर्माण गुणवत्ता यानी कंस्ट्रक्शन क्वालिटी भी चेक करना चाहिए. दीवारों में दरार, पानी की लीकेज, बिजली और पाइपलाइन जैसी चीजों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार लोग सिर्फ सुंदर इंटीरियर देखकर घर खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
बिल्डर का पुराना रिकॉर्ड जरूर देखें
कुल मिलाकर घर खरीदना सिर्फ पैसों का नहीं बल्कि समझदारी का भी फैसला होता है. इसलिए किसी भी प्रॉपर्टी एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले हर शर्त ध्यान से पढ़ें. अगर कोई बात गलत लगे या समझ न आए तो बिना दबाव में आए सवाल पूछें और जरूरत पड़े तो साफ मना कर दें. थोड़ी सावधानी भविष्य में बड़ी परेशानी से बचा सकती है.
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